नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि मे प्रतिवर्ष दिल्ली के विभिन्न इलाको मे आयोजित होने वाली छोटी-बडी करीब आठ सौ रामलीलाओ मे से करीब दो सौ रामलीलाओ का मंचन, उत्तराखंड के प्रवासी बंधुओ द्वारा, बडी सिद्धत, निष्ठा व भक्तिभाव के साथ, आयोजित की जाती रही हैं।
दिल्ली प्रवास मे उत्तराखंड के जनमानस के बीच, रामलीला करवाना, उसमें अभिनय करना, उसे देखना, सभी परंपरागत रूप मे भक्ति भाव से जुड़ा हुआ माना जाता रहा है। यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है, कि चाहे रामकथा की महती संकल्पना के कारण हो, चाहे रामचरितमानस की लोक प्रतिष्ठा के कारण हो, लोगों का जितना सहयोग रामलीला नाट्य आयोजन मे होता है, उतना किसी भी अन्य नाट्य रूप या सांस्कृतिक आयोजनों मे मिल पाना कठिन है।
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