3800 किलो मिलावटी आम का पल्प नष्ट: घर पर ऐसे पहचानें नकली आम
आम का मौसम शुरू होते ही मिलावट के मामले भी सामने आने लगे हैं। यह स्वाद, खुशबू और विविधता के लिए प्रसिद्ध फल है, लेकिन मांग पूरी करने के लिए कई व्यापारी हानिकारक रसायनों और प्रतिबंधित रंगों का उपयोग कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 3800 किलो से अधिक मिलावटी आम का पल्प जब्त किया।
FDA की टीम ने मावल तालुका के उर्से गांव में स्थित एक यूनिट पर छापा मारा, जहां बिना अनुमति वाले रंगों और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों से आम का पल्प तैयार किया जा रहा था। अधिकारियों ने 3282.9 किलो पल्प जब्त कर नष्ट कर दिया। साथ ही कच्चे आम, पल्प और उपयोग किए गए रसायनों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए। इनमें चीनी, गाय का दूध और केसर रंग का तरल घोल शामिल था।
एक अन्य कार्रवाई में खेड़ तालुका से 558 किलो पल्प (मूल्य 61,380 रुपये) जब्त किया गया। दोनों मामलों में कुल मिलाकर 3800 किलो पल्प (लगभग 2,23,196 रुपये मूल्य) नष्ट किया गया।
FDA की चेतावनी
FDA के अनुसार, बिना लाइसेंस खाद्य व्यवसाय चलाना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। आम जनता से भी अपील की गई है कि मिलावट की जानकारी टोल-फ्री नंबर 1800222365 पर दें।
रासायनिक तरीके से पकाए गए आम के नुकसान
रसायनों (जैसे कैल्शियम कार्बाइड) से पकाए गए आम स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। इससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा सिरदर्द, चक्कर, भ्रम और मूड स्विंग जैसी न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी हो सकती हैं।
ऐसे आम एलर्जी, त्वचा पर खुजली, सांस की समस्या और अस्थमा को भी बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक सेवन से कैंसर और हार्मोनल असंतुलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
घर पर ऐसे पहचानें नकली आम
1. रंग देखें
कृत्रिम रूप से पकाए गए आम का रंग एक जैसा और ज्यादा पीला/नारंगी होता है।
2. खुशबू सूंघें
प्राकृतिक आम में मीठी खुशबू होती है, जबकि मिलावटी आम में केमिकल जैसी गंध आ सकती है।
3. दबाकर जांचें
नकली आम ज्यादा नरम या गूदेदार महसूस हो सकते हैं।
4. बाहरी दाग-धब्बे देखें
इंजेक्शन या रसायन के कारण दाग या निशान दिख सकते हैं।
5. स्वाद चखें
मिलावटी आम का स्वाद फीका या अजीब हो सकता है।
6. पानी में डालकर टेस्ट करें
आम को पानी में डालें—अगर डूब जाए तो प्राकृतिक है, अगर तैरता है तो शक हो सकता है।
7. बेकिंग सोडा टेस्ट
पानी में बेकिंग सोडा डालकर आम को 15–20 मिनट भिगोएं। अगर धोने पर रंग उतरता है तो केमिकल होने की संभावना है।
8. माचिस टेस्ट (सावधानी जरूरी)
माचिस जलाकर आम के पास लाने पर अगर चिंगारी या प्रतिक्रिया दिखे तो केमिकल हो सकता है।
⚠️ यह तरीका जोखिम भरा है, इसलिए इसे घर पर न करने की सलाह दी जाती है।



