मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा, प्रदेश में ही रुकने का मन बना रहे प्रवासियों के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएं
राज्य में मेडिकल टूरिज्म और आयुष टूरिज्म को कार्य करने की बहुत अधिक संभावनाएं
सुरक्षित पर्यटन की तर्ज पर तथा बेहतर कनेक्टिविटी के साथ होम स्टे योजना को मजबूती प्रदान की जाए
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सोमवार को सचिवालय स्थित सभागार में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण राज्य का पर्यटन प्रभावित हुआ है। लाॅकडाउन के बाद राज्य में पर्यटन संबंधी आर्थिक गतिविधियों को बल दिए जाने के लिए तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में प्रवासियों की वापसी हो रही है। इनमें से बहुत से प्रदेश में ही रुकने का मन बना रहे होंगे, ऐसे लोगों को प्रदेश में ही रुकने के लिए प्रोत्साहन देना होगा। उनको स्वरोजगार से जुड़ने के लिए विशेष योजनाएं तैयार करनी होंगी।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य बेहतर स्थिति में है। प्रदेश में सुरक्षित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शाॅर्ट टर्म और लांग टर्म योजनाएं तैयार की जाएं। नई और आकर्षक योजनाओं पर विचार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि लाॅकडाउन के चलते पर्यटन प्रभावित हुआ है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में होम स्टे योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सुरक्षित पर्यटन की तर्ज पर तथा बेहतर कनेक्टिविटी सहित आधारभूत सुविधाएं प्रदान करके होम स्टे योजना को मजबूती प्रदान की जानी चाहिए। इससे जहां एक ओर रोजगार के संसाधन बढ़ेंगे, वहीं दूसरी ओर पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल टूरिज्म और आयुष टूरिज्म की बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं। आयुष के क्षेत्र में बहुत कुछ किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने पिथौरागढ़ के ट्यूलिप गार्डन की सफलता के लिए अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की अन्य मौसमी प्रजातियों के लिए भी योजनाएं तैयार की जा सकती हैं। इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, दिलीप जावलकर एवं अपर सचिव पर्यटन सोनिका भी उपस्थित रहे।