बागियों में फूट से भाजपा को राहत, हरक और बहुगुणा खेमे में बंटे विधायक
देहरादून। पिछले कुछ दिनों से बागी नेताओं की नाराजगी ने चुनावी मौसम में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी थी, लेकिन अब बागी नेताओं की आपसी फूट और निजी हित की राजनीति ने भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलों को कुछ हद तक कम कर दिया है। दरअसल 2016 में कांग्रेस बागी नेता बड़ी संख्या में भाजपा में शामिल तो हुए थे, लेकिन अब इन बागी नेताओं में आपसी कलह के कारण इनकी ताकत कुछ कम हुई है। जिससे अब भारतीय जनता पार्टी पर दबाव कम दिखाई दे रहा है।
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