HARIDWAR

आतंक का पर्याय बने हाथी को क्या पालतू बना पाएगा वन विभाग !

  • हाथी को ट्रेंकुलाइज करने के आदेश
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
हरिद्वार: भेल (BHEL)में आतंक का पर्याय बने हाथी को क्या वन विभाग पालतू बना सकता है? इस पर आजकल वन विभाग माथापच्ची करने पर लगा हुआ है क्योंकि यह हाथी कोई सामान्य हाथी नहीं है ।
इस हाथी के गले में आठ लाख रूपए का हार लटका हुआ है। ये हार है रेडियो कॉलर का,जो वन विभाग को पल-पल की हाथी की लोकेशन की सूचना देता रहता है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस हाथी को एक बार फिर ट्रेंकुलाइज कर अब पालतू हाथी बनाया जाएगा। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन मौनिष मल्लिक ने बुधवार को इस हाथी को ट्रेंकुलाइज करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
बुद्धवार सुबह ही हरिद्वार के भेल क्षेत्र में इस हाथी ने भेल में कार्यरत एक कर्मचारी को मौत के घाट उतार दिया। ये वही था जो रेडियो कॉल्रर पहने घूम रहा हाथी था। दअरसल इस साल के शुरूआत में जनवरी माह में इसी हाथी ने हरिद्वार के भेल, जज कॉलोनी और बिल्केश्वर क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया और इस दो लोगों को भी मौत के घाट उतार दिया था।
इससे परेशान वन विभाग ने 19 जनवरी को 36 घंटे के ऑपरेशन के बाद इस हाथी को बिल्केश्वर क्षेत्र में ट्रेंकुलाइज किया था और फिर  इसे दो पालतू हाथियों की मदद से ट्रक में लादकर मीलों दूर ईस्टर्न राजाजी में छोड़ दिया था। तब इस हाथी के लिए रातों-रात WWF की मदद से कोयम्बटूर से रेडियो कॉलर मंगाया गया था। रेडियो कॉलर की मदद से इस हाथी की राजाजी पार्क प्रशासन को पल-पल की लोकेशन मिलती रहती है। हरिद्वार के भेल क्षेत्र में इस हाथी अक्टूबर से मूवमेंट बनी हुई थी।पार्क प्रशासन अब इस हाथी को पालतू हाथी बनाएगा।

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