UTTARAKHAND
आधी-अधूरी तैयारियों के साथ होगा कांवड़ियों का स्वागत, यह रहेगा रूट प्लान

कांवड़ियों को करना होगा भारी अव्यवस्थाओं का सामना !
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
कांवड़ यात्रा का यह रहेगा रूट प्लान
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले कांवड़िए पांवटा साहिब से कुल्हाल चौकी, धर्मावाला, नया गांव, शिमला बाईपास, आईएसबीटी, कारगी चौक, दूधली, डोईवाला, भानियावाला होते अपने वाहनों से जाएंगे। वापसी के लिए भी इनका यही रूट रहेगा।
सहारनपुर की तरफ से आने वाले कांवड़िए आईएसबीटी से कारगी चौक, दूधली, डोईवाला, भानियावाला से होते हुए हरिद्वार और ऋ षिकेश जाएंगे। इसी रूट से उन्हें वापस आना होगा।
हरिद्वार और ऋषिकेश से शिव मंदिर कुठाल गेट जाने वाले शिवभक्त डोईवाला से जोगीवाला चौक, पुलिया नंबर छह, लाडपुर, सहस्त्रधारा क्रॉसिंग, आईटी पार्क से मसूरी डायवर्जन से होकर जाएंगे।
हरिद्वार और ऋषिकेश से टपके श्वर मंदिर आने-जाने वाले शिव भक्त डोईवाला से दूधली, आईएसबीटी, जीएमएस रोड, बल्लूपुर चौक और कैंट चौक से जा सकेंगे।
देहरादून/ हरिद्वार/ ऋषिकेश : प्रदेश शासन -प्रशासन ने एक महीने पहले से कांवड़ यात्रा की तैयारियां समय से पहले पूरे करने के भले ही दावे किए लेकिन जमीनी हकीकत अब भी वही है देश की राजधानी से हरिद्वार तक कांवड़ पटरी पर जगह जगह गड्ढे पड़े और बारिश के बाद इनमें पानी भरा हुआ है, शौचालयों की अब तक कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि व्यवस्थाओं को लेकर कैबिनेट मंत्रियों के साथ गढ़वाल आयुक्त ने भी यात्रा से जुड़े संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी नहीं हो सकी है। बुधवार को आधी अधूरी तैयारियों के बीच कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है कांवड़िये गंगाजल भरकर लौटने शुरू हो जायेंगे लेकिन उन्हें भारी अव्यवस्थाओं से रूबरू होना पडेगा।
इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन का दावा है कि इस बार सावन में तीन करोड़ कांवड़िए जल भरने के लिए हरिद्वार आएंगे। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए व्यवस्था करने का दावा किया जा रहा था। लेकिन शहर और आसपास के ऐसे इलाकों में जहां जहां कांवड़िए पहुंचते हैं वहां अब भी भारीअव्यवस्थाएं हैं। हरिद्वार मेला क्षेत्र में केवल तीन सौ अस्थायी टॉयलेट बनाए गए हैं। पानी के लिए पाइप लाइन भी डाल दी गई है, लेकिन पानी का कनेक्शन टॉयलेट के अंदर अभी तक नहीं हुआ है। जबकि भारी बाव वाले इलाके पुल जटवाड़ा ज्वालापुर में तो टॉयलेट अभी बने ही नहीं हैं।
यात्रा रूट पर 24 घंटे तैनात रहेगी पुलिस
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने राजधानी को पांच जोन में विभाजित किया है। सीओ और इंस्पेक्टराें को जोन का प्रभारी बनाया गया है। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि कांवड़ रूट पर चौबीस घंटे पुलिस रहेगी। मसूरी में कांवड़ियों के आवागमन पर पूरी तरह रोक रहेगी। कुठाल गेट स्थित शिव मंदिर से किसी भी कांवड़ियों को आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
ऐसे में मजबूरन कांवड़िये खुले में शौच करने को मजबूर होंगे और गंगा के मैदानों पर गंदगी फैलनी तय मानी जा रही है। कांवड़िए जलभर कांवड़ पटरी से ही पैदल वापसी करते हैं। 55 किलोमीटर लंबी गंगनहर पटरी पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हैं। पंतद्वीप क्षेत्र में जहां कांवड़ का बाजार लगाया जा रहा है वह अभी भी पूरा क्षेत्र तालाब बना हुआ है। पानी की निकासी के लिए अभी तक पंप नहीं लगाए गए हैं।
हरिद्वार में कांवड़ मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने मेला क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 31 जोन और 133 सेक्टर में बांटा है। इसके लिए मेला क्षेत्र में दस हजार पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। शहर के लिहाज से भी एक सुपर जोन बनाया गया है ताकि शहर के अंदर कांवड़िए प्रवेश न कर सकें।
देहरादून शहर के बीच से नहीं जाएंगे कांवड़ियों के वाहन