CRIME

डॉक्टर ने खोले स्कूल प्रबंधन की काली करतूतों के राज!

  • स्कूल के अधिकारियों ने छात्रा पर डाला गर्भपात कराने का दबाव 
 देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : बोर्डिंग स्कूल में छात्रा संग दुराचार के बाद जांच में डॉक्टर ने स्कूल प्रबन्धन की काली करतूत के सारे राज खोल दिए। चिकित्सक ने अपने लिखित बयान में बताया कि उनके पास स्कूल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और उसकी पत्नी छात्रा के माता-पिता बनकर आए थे। 

उन्होंने छात्रा को मासिक धर्म न होने की बात कही और इसके लिए दवा मांगी थी। इस पर उन्होंने दवाएं पर्चे पर लिखी और उसका अल्ट्रासाउंड कराने के बाद उन्हें रिपोर्ट दिखाने को कहा था। मगर, इसके अगले दिन उनके पास कोई नहीं आया।
 

बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में प्रबंधन के पांचों लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने जबरन गर्भपात कराने और आरोपियों को छुपाने की धाराएं भी जोड़ दी हैं। इधर, आरोपियों ने बृहस्पतिवार को जमानत अर्जी लगाई थी, जिस पर सोमवार को न्यायालय में सुनवाई होगी। 

गौरतलब है कि गत 16 सितंबर को भाऊवाला बोर्डिंग स्कूल में छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। घटना 14 अगस्त को हुई थी। इसके बाद जब छात्रा के गर्भवती होने का पता चला तो स्कूल की डायरेक्टर समेत कई अधिकारियों ने छात्रा पर गर्भपात कराने का दबाव डाला।

पुलिस ने मामले में चार छात्रों और निदेशक समेत प्रबंधन के पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने छात्रों के खिलाफ गैंगरेप व पोक्सो अधिनियम और निदेशक समेत पांच के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, साक्ष्य छुपाने और पोक्सो की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

अब चूंकि मेडिकल रिपोर्ट में छात्रा के गर्भपात की पुष्टि हुई है तो इस मुकदमे में आईपीसी 313 (जबरन गर्भपात कराने) और आईपीसी 212 (आरोपियों को छुपाने) धाराएं भी जोड़ी गई हैं। बता दें कि प्रबंधन के अधिकारियों ने आरोपी छात्रों को राजपुर रोड स्थित ब्रांच में छुपा दिया था।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पांचों आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कड़ा करने के लिए यह कदम उठाया गया है। एसआईटी को मामले की गंभीरता से जांच करने और जमानत अर्जी के विरोध में मजबूत साक्ष्य पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। 
 

devbhoomimedia

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : देवभूमि मीडिया.कॉम हर पक्ष के विचारों और नज़रिए को अपने यहां समाहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह जरूरी नहीं है कि हम यहां प्रकाशित सभी विचारों से सहमत हों। लेकिन हम सबकी अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का समर्थन करते हैं। ऐसे स्वतंत्र लेखक,ब्लॉगर और स्तंभकार जो देवभूमि मीडिया.कॉम के कर्मचारी नहीं हैं, उनके लेख, सूचनाएं या उनके द्वारा व्यक्त किया गया विचार उनका निजी है, यह देवभूमि मीडिया.कॉम का नज़रिया नहीं है और नहीं कहा जा सकता है। ऐसी किसी चीज की जवाबदेही या उत्तरदायित्व देवभूमि मीडिया.कॉम का नहीं होगा। धन्यवाद !

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
Translate »