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33 वर्षों के बाद आयी नई शिक्षा नीति नये भारत के निर्माण की ओर बढ़ायेगी : निशंक



अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तार विश्वगुरू रहा है । सोच में स्थायित्व होना चाहिए। इच्छाशक्ति के साथ क्रियान्वयन होना चाहिए। विचार सिर्फ कागजों तक आमंत्रित न रहें। हिमालय पूरी दुनिया के लिये प्रोरणाा का स्रोत रहा है। पूरी दुनिया के निराश लोगों को हिमालय ने नई ऊर्जा दी है। हिमालय ज्ञान, विज्ञान, पर्यावरण और अनुसंधान का केन्द्र रहा है। उत्तराखण्ड की धरती पर वेद, पुराण और उपनिषदों का जन्म हुआ है। यह धरती सृजन की धरती रही है। इसके एक-एक शब्द की अपनी ताकत है। हिन्दुस्तान का व्यक्ति पूरी दुनिया को नेतृत्व दे रहा है। उत्तराखण्ड ‘एजुकेशन हब’ है। विभिन्न उच्च शिक्षा शिक्षण संस्थान उत्तराखण्ड में हैं। यह संजीवनी बूटियों का भण्डार है। आयुर्वेद शाश्वत चिकित्सा है, वैकल्पिक चिकित्सा नहीं। अनुंसधान ऐसा हो जो आर्थिकी को मजबूत करे। उत्तराखण्ड में नव वैज्ञानिकों की यात्रा निकले जो सभी जनपद से होकर निकले।Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur.