UTTARAKHAND

वर्षा और भूस्खलन के चलते विभिन्न पड़ावों पर रोकी गयी यात्रा

चार हजार यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोका गया 

बदरीनाथ, केदारनाथ और पंचाचूली की चोटियों पर हिमपात

21 घंटे बाद खुला लामबगड़ में भूस्खलन से बंद , लगातार गिर रहा है मलबा

देहरादून: मानसून की उत्तराखंड से विदाई में उसके कुछ तेवर तल्ख बने हुए हैं। पहाड़ से लेकर मैदान तक शनिवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शाम करीब पांच बजे बदरीनाथ के निकट लामबगड़ में मलबा आने से 21 घंटे बाद खुला हाईवे एक बार फिर यातायात के लिए बाधित हो गया। वर्षा और सड़क बंद होने के कारण जिला प्रशासनों ने लगभग चार हजार यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोक दिया है। वहीं पिथौरागढ़ जिले में धारचूला के पास कैलास-मानसरोवर यात्र मार्ग भी बंद है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड के साथ ही पिथौरागढ़ में मुनस्यारी और पंचाचूली की चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है।

तीन दिनों से हो रही वर्षा के चलते मौसम में ठंडक बढ़ गई है। शनिवार रात से केदारनाथ के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री में चोटियों पर हुए हिमपात का क्रम रविवार और सोमवार प्रातः तक जारी है। भूस्खलन के कारण बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में यातायात बार-बार अवरुद्ध हो रहा है। 21 घंटों से बंद हाईवे रविवार सुबह करीब आठ बजे के लिए खुल ही पाया था कि रविवार शाम को यहां पर फिर मलबा आ गया और बंद हो गया। नायाब तहसीलदार जोशीमठ बल्लूलाल ने बताया कि लामबगड़ में पहाड़ से रुक-रुक कर पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में ही रोक दिया गया है। हाईवे खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन वर्षा के कारण कार्य में व्यवधान हो रहा है। 

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार आने वाले दिनों में भी मौसम के मिजाज में बदलाव की ज्यादा उम्मीद नजर नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ ही निचले इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

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