UTTARAKHAND

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर तीन सुरंग तैयार 14 सुरंगों पर काम तेज़

नीरगढ़ शिवपुरी और गूलर दोगी में निर्माणाधीन सुरंग हुई तैयार 

देवप्रयाग से लछमोली तक निर्माणाधीन सुरंग आ कार्य भी तेज़ 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
ऋषिकेश : चारधाम यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए वर्ष 1993 से प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग की मांग चली आ रही थी लेकिन तमाम कारणों से यह मूर्त रूप नहीं ले पायी थी , लेकिन नरेंद्र भाई मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही चार धाम को जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को पंख लगे और प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी घोषणा ही नहीं की बल्कि इस रेल लाइन के करा का शुभारम्भ भी कर डाला अब यह परियोजना विस्तार ले रही है। इसी क्रम में कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम ने इस रेल मार्ग की पहली तीन सुरंग का कार्य पूर्ण कर दिया है जबकि शेष 14 अन्य सुरंगों का कार्य तेज़ी से चल रहा है।
रेल विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ओपी मालगुड़ी के अनुसार ऋषिकेश से आगे रेल मार्ग के बीच कई पहाड़ आ रहे हैं, लिहाजा पहाड़ के अंदर सुरंग बनाकर रेल यात्रा मार्ग तैयार किया जाना है। अलबत्ता रेल विकास निगम ने टनल बनाने का जिम्मा कार्यदायी संस्था एप्को इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था एप्को इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने नीरगड्डू, शिवपुरी और गूलर दोगी तीन स्थानों पर सितंबर 2018 को तीन एडिट सुरंग बनाने का काम शुरू किया था जो अब बनकर लगभग तैयार हो चुकी हैं। उन्होंने बताया पहली एडिट टनल प्रथम नीरगड्डू जिसकी लम्बाई 201 मीटर, दूसरी एडिट टनल शिवपुरी जिसकी लम्बाई 555 मीटर और तीसरी एडिट टनल गूलर दोगी 770 मीटर बनकर तैयार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि देवप्रयाग से लछमोली तक बनने वाली सुरंग का कार्य भी तेज़ गति से चल रहा है जिसके आगामी वर्ष तक पूर्ण होने की उम्मीद है। 
गौरतलब हो कि लगभग 125 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर रेल 17 सुरंगों से होकर गुजरते हुए ऋषिकेश के कर्णप्रयाग तक चार घंटे में पहुंचेगी।
उल्लेखनीय है कि ऋषिकेश में हरिद्वार बाईपास मार्ग के किनारे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत नया योग नगरी रेलवे स्टेशन पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जबकि अभी ऋषिकेश से आगे पवर्तीय रेल मार्ग पर पहला रेल पुल चंद्रभागा नदी के ऊपर निर्माणाधीन है।

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