TOURISM

सीएम ने दिलाई पर्यटन से जुड़े व्यक्तियों, इकाइयों और संस्थानों को राहत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देशों से राज्यभर में लगभग 2.43 लाख लोग लाभान्वित होंगे

पर्यटन विभाग के अन्तर्गत लगने वाले पंजीकरण व नवीनीकरण शुल्क को एक वर्ष की अवधि के लिए समाप्त किया गया

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून : पर्यटन एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश में पर्यटन उद्योग पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े व्यक्तियों, इकाइयों, संस्थानों को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देशों के तहत राहत प्रदान की गई है। इससे लगभग 2.43 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व अन्य इकाइयों, जो पर्यटन अथवा राज्य सरकार के किसी अन्य विभाग से अपने व्यवसाय के संचालन के लिए सेवाएं यथा विद्युत कनेक्शन, पेयजल कनेक्शन प्राप्त करते हैं या व्यवसाय के संचालन के लिए राजकीय संस्था या एफएसएसएआई,उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि के अन्तर्गत पंजीकृत कर्मियों एवं पर्यटन उद्योग में पंजीकृत फोटोग्राफरों, जिनकी जिलाधिकारियों के माध्यम से कराए गए त्वरित सर्वेक्षण के आधार पर प्रदेश में कुल संख्या लगभग 2.43 लाख है, उन्हें प्रति कार्मिक 1,000 रुपये की दर से वन टाइम आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से वितरित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसका व्यय मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन किया जाएगा।
इसमें जहां पर्यटन विशेष क्षेत्र/गतिविधि समितियों (टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण/गंगा नदी राफ्टिंग प्रंबन्धन समिति) के पास अपने संसाधन हैं तथा जिन रिवर गाइड व अन्य कार्मिकों को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्हें उक्त श्रेणी में धनराशि प्राप्त नही होगी, लेकिन विभाग से दी गई राशि 1,000 रुपये से अन्यून होगी।
सचिव पर्यटन ने बताया कि वीर चन्द सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना व दीन दयाल होम स्टे योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2020-21 के प्रथम तिमाही (माह अप्रैल से माह जून 2020) के ऋण पर लिए जाने वाले ब्याज की प्रतिपूर्ति भी राज्य सरकार द्वारा सम्बन्धित जिलाधिकारियों के माध्यम से की जाएगी। इसका भी व्यय वहन मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग के अन्तर्गत लगने वाले पंजीकरण/नवीनीकरण शुल्क को एक वर्ष की अवधि के लिए समाप्त/शून्य किया गया है। इसके साथ ही परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर पर्यटन से जुड़े बस/टैक्सी/मैक्सी कैब/ऑटो रिक्शा/विक्रम/ई-रिक्शा में योजित लगभग 1,01,185 कार्मिकों की जिलेवार सूची परिवहन विभाग से जिलाधिकारी को प्रति कार्मिक रुपये 1,000/- की दर से वन टाइम आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से वितरित किए जाने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
संस्कृति विभाग 6675 सूचीबद्ध कलाकारों की सूची सम्बन्धित जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के साथ ही प्रति कलाकार रुपये 1,000 की दर से वन टाइम आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से वितरित किए जाने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे जिलाधिकारी अपने स्तर से डीबीटी के माध्यम से सम्बन्धित कलाकारों को वितरित करेंगे।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जहां संभव हो, स्थानीय निकाय पर्यटन सम्बन्धी इकाइयों को अपने स्तर से रजिस्ट्रेशन/ Renewal  शुल्क अथवा कर से एक साल तक राहत देने के लिए स्वतंत्र होंगे, जिसके लिए उनके द्वारा विधिसम्मत प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।  

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