POLITICS

उत्पीडऩ मामले में फंसे बीजेपी नेता की गिरफ्तारी की मांग

कांग्रेस ने निकाय चुनाव पर जारी किया अपना विजन डॉक्यूमेंट
कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून। भाजपा मुख्यालय में महिला कार्यकर्ता के उत्पीडऩ का मामला राजभवन भी पहुंच गया। सोमवार कांग्रेस ने
राज्यपाल को ज्ञापन आरोपी पदाधिकारी के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की है।
साथ ही इस मामले में हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर जांच कराने की पैरवी भी की।प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर राजभवन में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से मुलाकात की। प्रीतम ने राज्यपाल के सामने भाजपा मुख्यालय में महिला उत्पीडऩ के मामले को रखा। कहा कि पीडि़त महिला ने भाजपा पदाधिकारी पर उत्पीडऩ करने का आरोप लगाया था। साथ ही उसका कहना है कि जिस मोबाइल में उत्पीडऩ की वीडियो-ऑडियों क्लिप थी, उसे भी छीन लिया गया।
इस प्रकरण के सामने आने पर भाजपा के महानगर अध्यक्ष ने राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में आने वाली महिलाओं को लेकर काफी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इस मामले पर अब तक किसी सरकारी एजेंसी ने संज्ञान नहीं लिया है और प्रदेश सरकार और भाजपा नेतृत्व इस मामले को दबाने की साजिश कर रही है।
पीडिता के ईमेल से सूचना देने के बावजूद पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही। प्रीतम ने राज्यपाल से अनुरोध किया इस मामले में वो सरकार और गृह विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दें। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व काबीना मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रमेाद कुमार सिंह, प्रवक्ता गरिमा महरा दसौनी, प्रभुलाल बहुगुणा महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष कमलेश रमन, चंद्रकला नेगी, आजाद अली, नजमा खान आदि शामिल रहे।
बाद में मीडिया से बातचीत में प्रीतम ने कहा कि, जो पार्टी खुद को धर्म-संस्कृति की चौकीदार बताते नहीं थकती, उसका घृणित चेहरा सामने आ चुका है। पीडित महिला इंसाफ के लिए दर दर भटक रही है और सरकार कार्रवाई करने के जाए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस इस मामले में चुप नहीं बैठेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
Translate »