व्यापार एवं विकास मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ( यूएनसीटीएडी) की रिपोर्ट में दर्शाए गए हालात
वैश्विक स्तर पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफ़डीआई) में इस साल 40 फ़ीसदी तक की गिरावट आने का अनुमान
अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में वर्ष 2020 की पहली तिमाही – जनवरी से मार्च तक में 5 फ़ीसदी तथा दूसरी तिमाही में 27 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका जताई गई
मोटर वाहन और ऊर्जा क्षेत्रों में विश्वव्यापी महामारी व्यापार के ध्वस्त होने का कारण बन रही है, लेकिन मेडिकल उत्पादों का व्यापार अप्रैल में दोगुना हुआ
कोविड-19 महामारी से पहले भी अन्तरराष्ट्रीय व्यापार कमज़ोर पड़ रहा था, लेकिन मौजूदा संकट के परिणामस्वरूप अब इसमें भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। व्यापार एवं विकास मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ( यूएनसीटीएडी) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक वस्तुओं के अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में वर्ष 2020 की पहली तिमाही – जनवरी से मार्च तक में 5 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई, साल की दूसरी तिमाही में यह गिरावट बढ़कर 27 प्रतिशत तक होने की आशंका जताई गई है।
कोविड-19 के कारण विकासशील और विकसित देशों में बाज़ार पर भारी असर हुआ है और साल की पहली तिमाही में ख़राब प्रदर्शन के बाद में भी सुधार आता नहीं दिख रहा है।
संयुक्त राष्ट्र समाचार के अनुसार वर्ष 2008-09 के वित्तीय संकट के दौरान विश्व व्यापार में 25 फ़ीसदी तक सिकुड़ गया था, लेकिन मौजूदा संकट के प्रभाव उसकी तुलना में कहीं ज़्यादा व्यापक नज़र आ रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफ़डीआई) में इस साल 40 फ़ीसदी तक की गिरावट आने का अनुमान है।
Foreign direct investment could plunge by up to 40% this year and fall below $1 trillion for the first time since 2005.
Get the full analysis of #COVID19's impact on global #FDI flows in UNCTAD’s World Investment Report 2020. https://t.co/nh1lHruP0A #UNCTADWIR pic.twitter.com/1lmYJcgL0S
— UN Trade and Development (@UNCTAD) June 16, 2020
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व्यापार एवं विकास मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ( यूएनसीटीएडी) की रिपोर्ट में दर्शाए गए हालातवैश्विक स्तर पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफ़डीआई) में इस साल 40 फ़ीसदी तक की गिरावट आने का अनुमानअन्तरराष्ट्रीय व्यापार में वर्ष 2020 की पहली तिमाही – जनवरी से मार्च तक में 5 फ़ीसदी तथा दूसरी तिमाही में 27 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका जताई गईमोटर वाहन और ऊर्जा क्षेत्रों में विश्वव्यापी महामारी व्यापार के ध्वस्त होने का कारण बन रही है, लेकिन मेडिकल उत्पादों का व्यापार अप्रैल में दोगुना हुआ कोविड-19 महामारी से पहले भी अन्तरराष्ट्रीय व्यापार कमज़ोर पड़ रहा था, लेकिन मौजूदा संकट के परिणामस्वरूप अब इसमें भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। व्यापार एवं विकास मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ( यूएनसीटीएडी) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक वस्तुओं के अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में वर्ष 2020 की पहली तिमाही – जनवरी से मार्च तक में 5 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई, साल की दूसरी तिमाही में यह गिरावट बढ़कर 27 प्रतिशत तक होने की आशंका जताई गई है। कोविड-19 के कारण विकासशील और विकसित देशों में बाज़ार पर भारी असर हुआ है और साल की पहली तिमाही में ख़राब प्रदर्शन के बाद में भी सुधार आता नहीं दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र समाचार के अनुसार वर्ष 2008-09 के वित्तीय संकट के दौरान विश्व व्यापार में 25 फ़ीसदी तक सिकुड़ गया था, लेकिन मौजूदा संकट के प्रभाव उसकी तुलना में कहीं ज़्यादा व्यापक नज़र आ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफ़डीआई) में इस साल 40 फ़ीसदी तक की गिरावट आने का अनुमान है।वर्ष 2019 में कुल एफ़डीआई 1.54 ट्रिलियन डॉलर आँका गया था, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक 2005 के बाद यह पहली बार होगा जब एफ़डीआई घटकर 1 ट्रिलियन डॉलर से कम रह जाएगा। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में वर्ष 2021 में भी गिरावट दर्ज किए जाने का अनुमान जताया गया है जिसके बाद 2022 में ही हालात बेहतर होने की उम्मीद है।अप्रैल में जारी आँकड़ों के मुताबिक दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के निर्धन देशों द्वारा किए जाने वाले निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यूएन एजेंसी के ‘ग्लोबल ट्रेड अपडेट’ के मुताबिक पूर्वी एशिया और प्रशान्त देशों में निर्यात क्षेत्र में झटका सबसे कम लगा है और कुछ देशों में हालात बेहतर होने के आसार बन रहे हैं। रिपोर्ट दर्शाती है कि मोटर वाहन और ऊर्जा क्षेत्रों में विश्वव्यापी महामारी व्यापार के ध्वस्त होने का कारण बन रही है लेकिन मेडिकल उत्पादों के व्यापार में बढ़ोत्तरी हुई है और अप्रैल महीने में व्यापार दोगुना हो गया। मौजूदा आर्थिक अनिश्चितताओं के मद्देनज़र यूएन एजेंसी ने वर्ष 2020 में लगभग 20 फ़ीसदी की गिरावट आने की आशंका जताई है। यह अनुमान विश्व व्यापार संगठन के आकलन के अनुरूप ही है, जिसमें इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में 13 से 32 फ़ीसदी की गिरावट आने की सम्भावना व्यक्त की गई थी। पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स ( पीएमआई) के आधार पर एजेंसी ने कहा है कि इस वर्ष की दूसरी तिमाही में भी अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में हालात और बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पीएमआई के 50 से ऊपर होने का संकेत निर्यात के ऑर्डर में उससे पिछले महीने के दौरान हुए विस्तार को दर्शाता है जबकि उसका 50 से कम होना सिकुड़ने का द्योतक है। सूचकाँक अगर 50 हो तो इसका अर्थ स्थिति में कोई बदलाव नहीं होना होता है। उदाहरण के तौर पर, अप्रैल में चीन में निर्यात ऑर्डर का सूचकाँक 33.5 और मई में 35.8 था। अमेरिका के लिए यह आँकड़ा अप्रैल में 35.3 और मई में 39.5 रहा, जबकि यूरोप में अप्रैल महीने में यह 13.6 और मई में 31.9 दर्ज किया गया।

