


देहरादून : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हिमालय हमारे लिये चिर स्थायी संसाधन हैं। सेवा हमारे स्वभाव में है। दक्ष मानव संसाधन की हमारे पास उपलब्धता है। हमारे युवा परिश्रमी, मेहनती व शिक्षित हैं। हमारे युवाओं को जरूरत व्यवसायिकता को अपनाने की है। जिसे उन्हें अपने स्वभाव से जोड़ना होगा, तभी वे पर्यटन से जुड़ी योजनाओं के बेहतर संवाहक बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि शीघ्र ही चारधाम सड़क व ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना धरातल पर दिखाई देगी। हमारा प्रयास उत्तराखण्ड में अधिक से अधिक आउटडोर पर्यटकों को आकर्षित करना है। इसके लिये आवागमन के संसाधनों का विकास किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में हैली सेवा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के सुदूरवर्ती सीमान्त क्षेत्रों के नैसर्गिक सौन्दर्य को देखने देश व दुनिया के पर्यटक आ सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को आकर्षित करने के लिये किये गये प्रयासों के भी सकारात्मक परिणाम मिल रहे है। पर्यटन के क्षेत्र में कई निवेशक राज्य के प्रति आकर्षित हुए है।
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