Uttarakhand

!!ज्योतिषीय भविष्यवाणी भविष्य के लिए एक दृष्टि!!

(कमल किशोर डुकलान ‘सरल’)

रुड़की हरिद्वार  “फलित ज्योतिष विज्ञान में भविष्य कर्ताओं द्वारा की गई भविष्यवाणी ग्रहों की राशि परिवर्तन से भविष्य में होने वाली परिवर्तनकारी संभावित घटनाओं की जानकारी प्रदान करता है।…..

फलित ज्योतिष हमें भविष्य में होने वाली परिवर्तनकारी संभावित घटनाओं की ओर जानकारी प्रदान करती है। ग्रहों की चाल और संयोजनों का मानवीय कार्यों पर बहुत बड़ा प्रभाव होता है। ज्योतिष विज्ञान हमें महत्वपूर्ण ग्रहों की संरचनाओं में बदलाव के संकेत देता है। ग्रहों का परिभ्रमण आकाशीय संरचनाएं राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे क्षेत्रों पर प्रभाव है,जो संशोधनात्मक परिवर्तनों की शुरुआत के संकेत भी देता है।

भविष्यवाणियाँ व्यक्तिगत राशि भी सम्मिलित करती हैं। प्रत्येक राशि को अपनी विशेषताओं और प्रवृत्तियों की होती है, और ज्योतिषी ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण करते हैं ताकि प्रत्येक राशि के लिए साल में क्या हो सकता है उसके बारे में संकेत प्रदान कर सकें। ये भविष्यवाणियाँ करियर, संबंध, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास जैसे विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, जो लोगों को आगे बढ़ने के और चुनौतियों का सामना करने के लिए मदद करती हैं।

ज्योतिष विज्ञान में ज्योतिषियों की भविष्यवाणियाँ केवल बाहरी घटनाओं पर ही ध्यान नहीं देतीं, बल्कि व्यक्तिगत और आध्यात्मिक विकास पर भी जोर देती हैं। ज्योतिषी विशेष ग्रहों और आकाशीय घटनाओं के मेल को उद्दीपन देते हैं। ज्योतिष विज्ञान में ग्रहों का परिभ्रमण स्वाधीनता की गहराई,मूल्यों की खोज,और ब्रह्मांड से जुड़ने के संबंध में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है। इन संरचनाओं के कारण व्यक्ति का क्रमवत विकास होता है।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध ज्योतिष शास्त्र के ज्ञाता एवं भविष्यकर्ता आचार्य पण्डित रमेश सेमवाल जी द्वारा पिछले ज्योतिष सम्मेलन में वर्ष 2024-25 में देश के अन्दर प्रकृति अपना रौद्र रुप धारण करेगी जिसके परिणाम प्रकृति में प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरणीय परिवर्तनों जैसे बाढ़,भूस्खलन, चट्टानों के धंसने के दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। उत्तराखंड के फलित ज्योतिष शास्त्र के मर्मज्ञ एवं भविष्यकर्ता आचार्य पण्डित रमेश सेमवाल जी की भविष्यवाणी के अनुसार पिछले कहीं दिनों से हो रही लगातार वर्षा से उत्तराखंड सहित देश के हिमालयी राज्यों में प्रकृति में प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरणीय परिवर्तनकारी परिणाम बाढ़, भूस्खलन,चट्टानों के धंसने के देखने को मिल रहे हैं।

निश्चित रूप से ज्योतिष विज्ञान में ज्योतिषियों की भविष्यवाणी आम जन में सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता पैदा करती हैं इसके साथ ही ज्योतिषियों की भविष्यवाणियां पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए संभावित जोखिमों से बचने अथवा सकारात्मक ऊर्जाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं।

मानव ने वर्तमान समय में जो भी अपनी सुख-सुविधाओं के अनियोजित विकास को उत्तराखंड सहित सम्पूर्ण हिमालयी राज्यों में पिछले कहीं दिनों से लगातार हो रही बरसात ने प्रकृति के रौद्र रुप के रूप में मानव द्वारा किए जा रहे अनियोजित विकास को चंद समय में नष्ट कर दिया है। काफी कुछ हद तक मानव को उसके भविष्य में होने वाली परिवर्तनकारी संभावित घटनाओं की ओर उत्तराखंड के प्रसिद्ध ज्योतिष शास्त्र के ज्ञाता एवं भविष्यवेत्ता आचार्य पण्डित रमेश सेमवाल जी ने इंगित किया है।
-रुड़की हरिद्वार (उत्तराखंड)

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
Translate »