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प्रशिक्षु अधिकारियों को पढ़ा गए नैतिकता व कर्तव्यनिष्ठा का पाठ

 राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का मसूरी में कार्यक्रम सम्‍पन्‍न 

मसूरी: पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी शुक्रवार दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के प्रांगण में पहुंचे। जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

कालिंदी गेस्ट हाउस में कुछ देर फ्रेश होने के बाद महामहिम मुख्य कार्यक्रम स्थल संपूर्णानंद हॉल में गए। संपूर्णानंद हॉल में राष्ट्रपति 91वें बैच के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राष्ट्रपति ने देश के आने वाले कर्णधारों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया।

इस दीक्षांत समारोह में लगभग 397 अधिकारी शामिल थे। राष्ट्रपति  करीब एक घंटे से भी अधिक समय तक अकादमी में रहे। 1 बजकर 35 मिनट पर अकादमी से पोलो ग्राउंड हेलीपैड के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति की तैयारियों को लेकर पिछले एक पखवाड़े से पुलिस और प्रशासन दिनरात एक किए हुए था।

महामहिम के मसूरी से सकुशल लौट जाने के बाद ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से कुछ इतर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी वायुसेना के हेलीकॉप्टर से 12 बजकर 5 मिनटर पोलो ग्राउंड हेलीपैड पहुंचे। उसके बाद हेलीपैड से सड़क मार्ग से अकादमी पहुंचे।

हेलीपेड पर राष्ट्रपति की आगवानी मेजबान एलबीएस अकादमी के निदेशक, सीएम के प्रतिनिधि के तौर पर काबीना मंत्री दिनेश अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, जिलाधिकारी रविनाथ रमन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल और जीओसी ने की। अकादमी की और से निदेशक ने पुष्प गुच्छ भेंट किया।

राष्ट्रपति की फ्लीट इतनी सादगी से एलबीएस अकादमी पहुंची। ऐसा आसपास के लोगों ने पहली बार देखा। आमतौर पर प्रदेश स्तर के मंत्री भी हूटर और साइरन धनधनाते वाहनों के बीच अपनी धमक के साथ पहुंचते हैं। यह पहला मौका है कि राष्ट्रपति की फ्लीट बेहद सादगी से अकादमी के गेट के अंदर कब दाखिल हुई।

अकादमी में इंतजार कर रहे लोगों और अधिकारी भी सकते में आ गए। पोलो ग्राउंड से फ्लीट चली। फ्लीट में शामिल पायलट कार और अन्य कारों के साइरन और हूटर एक बार भी नही बजाए गए। हालांकि फ्लीट चलने से कुछ मिनट पहले पुलिस की एक जीप जरूर हूटर बजाते हुई पहुंची। हैप्पी वैली निवासी आनंद ने बताया कि अकादमी मे होने वाले कार्यक्रमों के लिए केंद्रीय मंत्री और अन्य वीवीआईपी हर एक पखवाड़े में आते रहते हैं। मगर महामहिम की फ्लीट जितनी सादगी से पहुंची यह पहली बार देखा।

अमूमन किसी भी शहर में राष्ट्रपति के आगमन हो। तो स्वाभाविक है कि घंटों तक ट्रैफिक रोक दिया जाता है। लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी जाती है। राष्ट्रपति की सुरक्षा की पुखता तैयारी थी। मगर आम लोगों को लेस मात्र दिक्कत भी नही हुई। अकादमी के गेट के ठीक नीचे उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चे रोजाना की तरह क्लास में पढ़ रहे थे। स्कूल के गेट बाहर एक पुलिस कर्मी तैनात था।

अंदर पठन-पाठन चल रहा था। सीएसटी स्कूल में भी हर रोज की जैसी ही दिनचर्या थी। अकादमी का केंद्रीय भंडार बंद था। उसके ठीक सामने मटन की शॉप और एक अन्य दुकान पूरी तरह खुली रही। हैप्पी वैली में लोग धड़ल्ले से आ जा रहे थे। बामुश्किल पांच मिनट ट्रैफिक रोका गया होगा। लाइब्रेरी से कंपनी बाग तक पर्यटक रिक्शा और अपने वाहनों से जा रहे थे। जनजीवन सामान्य दिखाई दिया। इस बार मीडियाकर्मियों को भी अन्य दिनो की जैसी स्थिति का सामना नही करना पड़ा।

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के 91वें बैच के दीक्षांत समारोह में नगर से भी कई गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया था। इस समारोह में अंग्रेजी और कांवेट स्कूल के प्रधानाचार्य भी शामिल थे। मुख्य रूप से प्रमुख चिकित्सक डा. सुनील सैनन, डा. नरदेवेश्वर उनियाल, वाइनवर्ग ऐलन स्कूल के प्रिसिंपल लिसले टिंडेल, पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल और काबीना मंत्री दिनेश अग्रवाल प्रोटोकॉल के हिस्से के रूप में शामिल थे।

 

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