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नैनीसार जमीन आवंटन मामले में राज्य सरकार के द्वारा जबाब नहीं दाखिल किए जाने पर हाई कोर्ट नाराज़

कांग्रेस सरकार के दौरान एक स्कूल को हुआ था सरकारी जमीन का आबंटन

करोड़ो की भूमि आवंटन रद्द किये जाने का न्यायालय से अनुरोध 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

नैनीताल। कांग्रेस सरकार के दौरान एक स्कूल को सरकारी जमीन आबंटन के मामले में उत्तराखंड के नैनीताल हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा जिले के नैनीसार जमीन आवंटन मामले में जवाब दाखिल नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है। साथ ही कहा है कि यदि समय पर जबाब दाखिल नही किया तो सचिव राजस्व को समस्त दस्तावेज लेकर 9 जनवरी को पेश व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

अल्मोड़ा निवासी बिशन सिंह व पीसी तिवाड़ी द्वारा नवंबर 2015 में जनहित याचिका दाखिल कर कहा गया है कि रानीखेत तहसील के अंतर्गत ग्राम नैनीसार में राज्य सरकार के द्वारा हिमांशु एजुकेशन सोसाइटी को 353 नाली भूमि आवंटित किए जाने वाले आदेश को चुनौती दी गयी है।

इस मामले में आज तक राज्य सरकार के द्वारा जबाब नही दाखिल किए जाने पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को म एक सप्ताह का समय देते हुए आदेश किया है कि यदि तय समय सीमा में जबाब दाखिल नही किया गया तो नौ जनवरी 2020 को सचिव राजस्व हाई कोर्ट की खंडपीठ के समक्ष समस्त दस्तावेजों सहित पेश हों।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में याचिकाकर्ताओ की तरफ से ग्राम नैनीसर की भूमि के आवंटन को इस आधार पर चुनौती दी गयी है कि सरकार ने मनमाने तरीके से प्राइवेट संस्था को बिना विधि प्रावधानों का पालन किये करोड़ो की भूमि आवंटित की है, जिसे रद्द किया जाना चाहिए।

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