UTTARAKHAND
नौ हेलीकॉप्टर नौ सालों में हो चुके हैं क्रैश, 27 की जा चुकी है जान


जून 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद वृहद स्तर पर चलाए गए खोज-बचाव एवं राहत कार्य के दौरान सेना के एमआई-17 समेत तीन हेलीकॉप्टर क्रैश हो गए थे। हादसों में सेना के 20 अधिकारी/जवानों समेत 23 लोगों की मौत हो गई थी। बीते आठ वर्षों में केदारनाथ और आसपास के क्षेत्र में सात हेलीकॉप्टर क्रैश हो चुके हैं, जिससे सेना व निजी कंपनियों को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
जून 2017 में भी बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में चीफ इंजीनियर की मौत हो गई थी और दो पायलट घायल हुए थे। इंजीनियर की मौत इतनी दर्दनाक थी कि हेलकॉप्टर के पंखे में लगे ब्लेड से कटकर उनके शरीर के पांच टुकड़े हो गए थे।
वहीं, बुधवार 21 अगस्त 2019 को भी उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित आराकोट क्षेत्र के गांवों में राहत सामग्री पहुंचा रहा एक हेलीकॉप्टर मोल्डी गांव के पास तार से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार पायलट एवं इंजीनियर के साथ ही एक स्थानीय युवक की मौत हो गई। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीमों ने दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर से तीनों लोगों के शव बरामद कर लिए हैं।Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur.