रोमियो लेन बार विवाद की गूंज पुलिस मुख्यालय तक, आईजी और एसएसपी से 24 घंटे में रिपोर्ट तलब
देहरादून। दून के चर्चित रोमियो लेन बार विवाद
के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस विभाग के तीन आलाधिकारियों से जुड़े इस मसले पर पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया। और आई जी व एसएसपी से 24 घण्टे के अंदर रिपोर्ट तलब कर ली गयी।
इस बाबत पुलिज़5 मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में सम्पूर्ण घटनाक्रम को गंभीरता से लिया गया है। जारी प्रेस नोट में कहा गया गया है कि-
पुलिस मुख्यालय द्वारा राजपुर स्थित रोमियो लेन बार में हुए प्रकरण के संबंध में विभिन्न मीडिया स्रोतों में प्रकाशित समाचारों का संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया गया है तथा इस पर कड़ा रुख अपनाया गया है।
इस क्रम में, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून प्रमेंद्र डोबाल से सम्पूर्ण घटनाक्रम के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए विस्तृत एवं तथ्यात्मक आख्या 24 घंटे के भीतर पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।
आज को कुछ समाचार पत्रों/पोर्टलों पर 25/04/2026(शनिवार) की रात्रि पुलिस रूटीन चेकिंग की कार्यवाही की खबर को भ्रामकता के साथ प्रचारित/प्रसारित होना संज्ञान में आने पर सही तथ्यों के साथ एसपी सिटी देहरादून की बाइट
पुलिस मुख्यालय के संज्ञान लेने के बाद रोमियो लेन बार विवाद में नया मोड़ आ गया है। दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद विवाद की असली तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। बेशक तथ्य न छुपाए जाएं।
दरअसल, शनिवार की देर रात रोमियो लेन बार के बाहर झगड़े की सूचना पर एसपी प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान तय समय सीमा के बाद भी बार के खुले रहने पर एसपी ने बार संचालकों को हड़काया।
जिस समय यह सब चल रहा था। उसी समय आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप भी बार में मौजूद थे। चर्चा है कि आईजी ने मौके पर ही एसपी को आड़े हाथ ले लिया। और सख्ती को लेकर ऐतराज जताया।
मामला बढ़ता देख एसएसपी परमेन्द्र डोभाल भी मौके पर पहुंच गए। और देर रात बार खुला रखने पर बार संचालक को गम्भीर चेतावनी दे दी।
रात लगभग 1 बजे तक यह विवाद चलता रहा। नियमों का उल्लंघन कर शराब पीने पिलाने पर आवश्यक कार्रवाई की भी अपुष्ट खबर है।
बाद में आईजी राजीव स्वरूप भी बार से निकल गए।
हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि बाद में मामला ‘सुलझा’ लिया गया था।
लेकिन पहले से ही विवादों में रहे रोमियो लेन बार के देर तक खुले रहने पर आबकारी विभाग की ओर से तत्काल लाइसेंस निलंबन आदि कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया गया। गर्मागर्मी के दौरान आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे या नही। यह भी साफ नहीं हो पाया।
बहरहाल, इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया में आईजी राजीव स्वरूप की बार में देर रात मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक दल व संगठनों के अलावा आम जनता भी जमकर भड़ास निकाल रही है।
यही नहीं, रोमियों लेन बार की पुरानी कुंडली और बड़े लोगों के ‘आशीर्वाद’ की कहानी भी चटखारे लेकर सुनाई जा रही है।
चर्चा यह भी है कि इस रोमियो लेन बार में बड़े लोगों की भी हिस्सेदारी है। पूर्व में यह एंगल समय समय पर उठता रहता है।
कानून व्यवस्था व नियमों के उल्लंघन से जुड़े इस मामले में आबकारी विभाग ने रोमियो बार के खिलाफ क्या कार्रवाई की। अभी इसका भी इंतजार है।
फिलहाल, उच्च स्तर पर मामले की गूंज सुनाई देने के बाद आईजी व एसएसपी मंगलवार तक अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे। देर रात तक बार के खुले रहने और आईजी स्तर के अधिकारी की मौजूदगी पर सिस्टम किस हिसाब से लीपापोती करता है या वास्तव में कोई कड़ा कदम उठाया जाता है। इस पर भी नजरें टिकी हुई है। अपनी रिपोर्ट में एसएसपी डोभाल सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तथ्यों को शामिल करना भी बेहद अहम माना जाएगा।
गौरतलब है कि बीते दो दिन से दिल्ली में मौजूद रहे सीएम धामी दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद क्या फैसला लेते है,यह देखना भी दिलचस्प रहेगा।



