केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी ने लांच किया अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम-ट्यूलिप
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी ने गुरुवार को देश में अपनी तरह का पहला अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम-ट्यूलिप लांच किया। इसके तहत स्नातक स्तर की शिक्षा पूरी कर चुके छात्रों को देशभर के शहरी स्थानीय निकायों और स्मार्ट सिटी से जैसे प्रोजेक्ट में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रियों ने ट्यूलिप का एक पोर्टल भी लांच किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पोखरियाल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की क्षमता का भरपूर इस्तेमाल किए जाने की सोच के अनुरूप है। ट्यूलिप कार्यक्रम न्यू इंडिया की नींव रखने में मददगार होगा, क्योंकि यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देने के साथ ही शहरी स्थानीय निकायों और स्मार्ट शहरों के कामकाज में नए विचारों और नवीन सोच को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। गूगल,माइक्रोसाफ्ट और एडोब जैसी दुनिया की शीर्ष कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारतीय मूल के लोग ही हैं। ट्यूलिप कार्यक्रम 4400 शहरी स्थानीय निकायों और स्मार्ट शेहरों के माध्यम से भारत में इंटर्नशिप का बड़ा अवसर प्रदान करेगा।
Joint Launch of TULIP – The Urban Learning Internship Program https://t.co/2yfhEZDLOo
— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) June 4, 2020
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी ने लांच किया अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम-ट्यूलिपदेवभूमि मीडिया ब्यूरोनई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी ने गुरुवार को देश में अपनी तरह का पहला अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम-ट्यूलिप लांच किया। इसके तहत स्नातक स्तर की शिक्षा पूरी कर चुके छात्रों को देशभर के शहरी स्थानीय निकायों और स्मार्ट सिटी से जैसे प्रोजेक्ट में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रियों ने ट्यूलिप का एक पोर्टल भी लांच किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पोखरियाल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की क्षमता का भरपूर इस्तेमाल किए जाने की सोच के अनुरूप है। ट्यूलिप कार्यक्रम न्यू इंडिया की नींव रखने में मददगार होगा, क्योंकि यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देने के साथ ही शहरी स्थानीय निकायों और स्मार्ट शहरों के कामकाज में नए विचारों और नवीन सोच को बढ़ावा देने में मदद करेगा।उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। गूगल,माइक्रोसाफ्ट और एडोब जैसी दुनिया की शीर्ष कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारतीय मूल के लोग ही हैं। ट्यूलिप कार्यक्रम 4400 शहरी स्थानीय निकायों और स्मार्ट शेहरों के माध्यम से भारत में इंटर्नशिप का बड़ा अवसर प्रदान करेगा।उन्होंने कहा कि इस तरह के मिलते जुलते कार्यक्रम और मंत्रालयों साथ मिलकर चलाए जाएं तो इससे आने वाले समय में एक करोड़ से ज्यादा छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर मिल सकेंगे।केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि उम्मीद की जा रही है कि पहले साल में इस कार्यक्रम के तहत 25 हजार छात्रों को इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। इसके जरिए मानव संसाधन पूल भी तैयार होगा, जिसे उद्योग अपनी आवश्यकताओं के अनुरुप काम के लिए अनुबंधित कर सकेंगे।इस अवसर पर मानव संसाधन मंत्रालय के सचिव अमित खरे, आवास और शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे तथा दोनों मंत्रालयों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बीटेक, बी आर्किटेक्चर, बी प्लानिंग और बीएसई आदि जैसी स्नातक डिग्री धारक कोई भी छात्र स्नातक होने के 18 महीने की अवधि के अंदर ट्यूलिप कार्यक्रम के तहत इंटर्नशिप के लिए नीचे लिखे वेब पते पर आवेदन कर सकते हैंः- https://internship.aicte-india.org/module_ulb/Dashboard/TulipMain/index.php

