देहरादून । बाल नशा रोकथाम और उनके पुनर्वास सम्बन्धित बैठक में त्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा श्रीमती उषा नेगी ने अधिकारियों से कहा कि ‘‘ बच्चों से नशा बिकवाने और उनके द्वारा नशा करने पर पूर्णतः लगाम लगायें’’।
गोपनीय पत्र में सम्बन्धित व्यक्ति अपना नाम गोपनीय रख सकता है। उन्होंने स्कुलों में समय-समय पर बच्चों की कांउसिलिंग करने और कभी-कभी नशामुक्ति और उन्हें अच्छे संस्कार वाली बातों हेतु एक पीरियड पढाई का पृथक से आरक्षित करने के मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ समय-समय पर अभिभावकों की भी कांउसिलिंग करने तथा बच्चों को अच्छे संस्कार देने को प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि धरपकड़ अभियान में यदि नशा के आदी हो चुके बच्चे पकड़े जाते हैं तो उनके पुनर्वास की भी व्यवस्था करें तथा इसके लिए नशामुक्ति केन्द्रों से भी सम्पर्क करें।
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