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हरीश रावत की गिरफ्तारी और उनको जेल भेजने में पार्टी की कोई रुचि नहींः अजय भट्ट       

अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ डटे बागियों को पार्टी से हटाया जाएगा

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

हरीश रावत स्टिंग मामले की की पैरवी के लिए उत्तराखंड पहुंचे कपिल सिब्बल, सोमवार को होगी सुनवाई

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता हरीश रावत के स्टिंग प्रकरण की सुनवाई के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल नैनीताल पहुंचे हैं। सोमवार को वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में हरीश रावत की तरफ से पैरवी करेंगे। रविवार दोपहर को वे पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेसियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि यह सिर्फ दबाव बनाने के लिए मामले को तूल दिया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में सब साफ हो जाएगा। 

नैनीताल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने तकनीकी पहलू को देखते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, वह भी व्यक्तिगत रूप से। उन्होंने कहा कि रावत की गिरफ्तारी और उनको जेल भेजने में पार्टी की कोई रुचि नहीं है।

नैनीताल में अखिल भारतीय विवि कर्मचारी महासंघ के सेमिनार में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने पूर्व सीएम हरीश रावत की ककड़ी पार्टी पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि बड़े भाई हरदा नाटक करते रहते हैं। ककड़ी खिलाने के साथ ही रायता फैलाते रहते हैं लेकिन उन्हें स्टिंग मामले में घबराहट नहीं होनी चाहिए।

भट्ट ने कहा कि जिला पंचायत की सीटों पर अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ डटे बागियों को पार्टी से हटाया जाएगा। जबकि पार्टी टिकट देने के बाद जो लोग मैदान से हटे हैं, उन्होंने अपने रास्ते खुद खोल दिए। संगटन उन पर भी कार्रवाई करेगा। बागियों की सूची मांगी गई है।  इस अवसर पर कुलपति प्रो केएस राणा, विधायक संजीव आर्य समेत पार्टी के तमाम नेतागण मौजूद थे।

मुझे न्यायपालिका पर भरोसा- हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कह चुके हैं कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो सजा भुगतने को तैयार हैं, लेकिन उनको अपनी सुनवाई का और खुद को निर्दोष सिद्ध करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सीबीआई पर इतना दबाव है कि वह विपक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना दोषी सिद्ध करने पर उतारू हो गई है। रावत का कहना है कि उन्हें तो न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है लेकिन केंद्र सरकार को न्याय पालिका और किसी संस्थान पर भरोसा नहीं है। उसे सिर्फ सीबीआई, ईडी और बाहुबल पर ही भरोसा है। इनके द्वारा वह हर किसी की आवाज को दबाना चाह रही है। 

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