Uttarakhand

कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा पाई राज्यसरकार : राधा मोहन सिंह

देहरादून । केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित कृषि विज्ञान केंद्र देश के 50 बड़े जनपदों में स्थापित किये जा रहे हैं। उत्तराखंड में चमोली और पिथौरागढ़ में कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना के लिए राज्य सरकार को जमीन उपलब्ध करने के लिए दो बार पत्र लिखे गये लेकिन आज तक राज्य सरकार जमीन उपलब्ध नहीं करा पाई। 

यहां भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में बागवानी किसानों की आमदनी का मुख्य स्रोत्र है। किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए इसके लिए भारत सरकार ने हाल्टीकल्चर पर ज्यादा ध्यान दिया। योजना आयोग ने 2009 में देश के 50 बड़े जनपदों में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने को हरी झंडी दी।

उत्तराखंड जैसे राज्य में चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में भी इसकी स्थापना का निर्णय लिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने धन भी आवंटित कर दिया। बावजूद इसके हरीश रावत सरकार कृषि विज्ञानं केंद्र के लिए आज तक जमीन तक उपलब्ध नहीं करा पाई।

राधा मोहन ने कहा की उत्तराखंड जैसे राज्य में केंद्र सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो रहा है। कृषि विकास योजना के तहत जो राशि दी गई राज्य सरकार वो भी खर्च नहीं कर पाई। जिन राज्यों की सरकार ने इन योजनाओं को क्रियान्वयन किया है वंहा के किसानों की हालात में सुधार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि उत्तराखंड की जनता यहां भाजपा को पूर्ण बहुमत से लाएगी और कृषि की बेहतरी के लिए चलाई गई योजनाओं का क्रियान्वयन तेज होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने दावा किया है कि इस बार के बजट में किसानों की आय पांच साल में दोगुणा करने के सरकार का वायदा पूरा करने को कई उपाय किये हैं और इसके लिये सरकार ने अपने इस बार के बजट में कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय के पिछले साल के 44,250 करोड रूपये को 15.31 प्रतिशत बढाकर 51,026 करोड रूपये किया है। पिछले साल इस मद में साढे पांच हजार करोड रूपये का प्रावधान था। इस बार इस मद में नौ हजार करोड की व्यवस्था के साथ ही विगत साल पूर्व देयताओं के लिये 7.7हजार करोड रूपये की अतिरिक्त राशि भी इस साल दी गयी है।

यही नही, प्रधानमंत्री सिंचाई  योजना का गत वर्ष का 5,189 करोड रूपये से बढाकर 7,377 करोड कर दिया गया है और तो और नाबार्ड के पूर्व वित्त वर्ष के 20 हजार करोड रूपये के दीर्घावध् िसिंचाई कोष को दो गुणा बढाकर 40 हजार करोड किया जायेगा । सूक्ष्म सिंचाई कोष भी पांच हजार करोड रूपये से बनाने की घोषणा की गई है।

उन्होने बताया कि पिछले साल देश भर में पांच लाख तालाब बनाये जाने का दावा करते हुए उन्होने बताया कि इस बजट में इस बढाकर साल में 10 लाख और तालाब बनाने की व्यवस्था की है । इनमें आधे तालाब मनरेगा से बनेंगें । इससे किसान न केवल सिंचाई बल्कि मत्स्य पालन में भी इनका उपयोग करने लगे हैं।

राधा मोहन सिंह ने बताया कि देश के सभी 648 कृषि विकास केंद्रों के लिये मिनी स्वायल टेस्टिंग लैब के  अलावा 1000 लैब स्थानीय उद्यमियों से लगवाने को उन्हे ऋण आधरित अनुदान दिया जायेगा। इसके साथ ही ई-नाम से जुडी 250 मंडियों की संख्या को 585 किया जायेगा।

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