बाजपुर । बिना अनुमति सभा करने के मामले में भाजपा प्रत्याशी यशपाल आर्य बुरी तरह फंस गए हैं। अब इस मामले में उडऩ दस्ता टीम सदस्य एवं वीडियो निगरानी टीम प्रभारी की तरफ से बाजपुर कोतवाली में लोक प्रतिनिधित्व 1951 व आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
उडऩ दस्ता टीम सदस्य अरुण कुमार व वीडियो निगरानी टीम प्रभारी आरके सिंह की तरफ से कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा गया है कि 23 जनवरी को भाजपा मंडल उपाध्यक्ष हरीश वर्मा द्वारा भाजपा प्रत्याशी यशपाल आर्य के नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए अनाज मंडी से गुरुद्वारा साहिब के बराबर से होते हुए निर्वाचन कार्यालय/उपजिलाधिकारी कार्यालय तक 1000 से अधिक व्यक्तियों के सम्मिलित होने व 20 से अधिक बसों के साथ रैली निकालने की अनुमति को आवेदन किया गया था जिसमें प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बाजपुर की आख्या के आधार पर रिटर्निग आफिस/उपजिलाधिकारी कार्यालय बाजपुर द्वारा अनुमति प्रदान की गई थी, चूंकि भाजपा प्रत्याशी यशपाल आर्य द्वारा 25 जनवरी को दोपहर 12.10 बजे तक नामांकन की प्रÿिया रिटर्निग आफिसर कार्यालय में पूर्ण कर ली गई थी और उपरोक्त अनुमति नामांकन प्रक्रिया तक ही थी। इसलिए अनुमति स्वत। ही समाप्त हो गई थी।
आरोप है कि यशपाल आर्य द्वारा अनाज मंडी परिसर में मंच बनवा व कुर्सियां लगाकर सभा की गई, जोकि आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आता है। तहरीर में यशपाल आर्य के खिलाफ बिना अनुमति सभा करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक प्रतिनिधित्व 1951 एवं आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के तहत मामला पंजीकृत करने की बात कही गई। वहीं पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला कर जांच शुरू कर दी है। बताते चलें कि इसी जनसभा के उपरांत रथ पर चढऩे को लेकर भाजपा के ही दो गुटों में मारपीट व फायरिंग हो गई थी जिसमें तीन पुलिस अधिकारियों के तबादले चुनाव आयोग के आदेश पर हो चुके हैं।

