देहरादून : King Carl XVI Gustaf and Queen Silvia of Sweden ने कॉर्बेट पार्क की दिलकश वादियों का नजारा करते हुए पार्क की नैसर्गिक सुन्दरता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। शुक्रवार की सुबह साढ़े छः बजे पार्क के झिरना जोन में स्वच्छन्द विचरण कर रहे वन्यजीवों के नजारे को करीब से निहारा। सफारी के बाद उन्होंने पत्थरकुआं स्थित गुज्जर बस्ती में जाकर वनों में निवास कर रहे गुज्जरों के जीवन यापन के बारे में जानकारी ली।
King Carl XVI Gustaf and Queen Silvia of Sweden गुरुवार को वन मोटरमार्ग से कालागढ़ पहुंचे थे। कालागढ़ के वन विश्रामगृह में राजा-रानी के सम्मान के लिए चाय का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कालागढ़ में वन विश्रामगृह में राजा कार्ल गुस्ताव व रानी सिल्विया ने अहाते में खड़े बरगद के विशाल पेड़ के बारे में जानकारी चाही। जिसके बारे में कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि यह वृक्ष भारत का एक पवित्र वृक्ष है। इसकी आयु लगभग 300 वर्ष तक होती है।
इससे पहले King Carl XVI Gustaf and Queen Silvia of Sweden कोटद्वार के पाखरो गेट से होते हुए रामनगर के लिए रवाना हुए थे। लैंसडौन वन प्रभाग और कार्बेट के जंगलों की प्राकृतिक छटा से अभिभूत नजर आए। लैंसडौन वन प्रभाग के पनियाली गेस्ट हाउस में प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। शाही दंपती ने यहां स्वीडिश भोजन किया और कॉफी पी। गेस्टहाउस से बाहर आकर उन्होंने कार्बेट नेशनल पार्क के डायरेक्टर राहुल से कार्बेट के इतिहास और वहां की विशेषताओं की जानकारी ली।
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