मुख्यमंत्री जी का बयान कहीं हो रहा हो तो उस पर हंसा ही जा सकता है : हरीश रावत
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव व पंजाब के प्रभारी हरीश रावत विपक्ष के बयानों पर त्वरित टिप्पणी के लिए मशहूर हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की बीते दिन रामनगर में जुबान क्या फिसली कि हरीश रावत को एक बार फिर मौक़ा मिल गया उसपर टिप्पणी करने का। फेसबुक पर उन्होंने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयान पर टिप्पणी करते हुए क्या कहा आप भी पढ़िए और सुनिए ….
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मुख्यमंत्री जी का बयान कहीं हो रहा हो तो उस पर हंसा ही जा सकता है : हरीश रावत देवभूमि मीडिया ब्यूरो देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव व पंजाब के प्रभारी हरीश रावत विपक्ष के बयानों पर त्वरित टिप्पणी के लिए मशहूर हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की बीते दिन रामनगर में जुबान क्या फिसली कि हरीश रावत को एक बार फिर मौक़ा मिल गया उसपर टिप्पणी करने का। फेसबुक पर उन्होंने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयान पर टिप्पणी करते हुए क्या कहा आप भी पढ़िए और सुनिए …. हमारे राज्य के माननीय मुख्यमंत्री जी, धन्य हैं इतिहास का उनका ज्ञान। उन्होंने हमको 200 वर्ष #अमेरिका का गुलाम बना दिया है, शायद उनके नजर में दोनों #गोरे, चाहे वो अमेरिका में रह रहे हों या ब्रिटेन में रह रहे हों, एक समान हैं। कितना अद्भुत है उनकी समझ उन्होंने कहा कि हमने आपदा में लोगों को इतना दे दिया और इतना बढ़िया #चावल दिया जो उन्होंने कभी नहीं देखा, मगर जिसको 10 किलो दिया उसको 20 किलो वाले से जलन क्यों? और जिसको 100 किलो मिल गया क्योंकि उसके 20 परिवार के सदस्य थे उससे सबको जलन थी और उन्होंने कहा कि गलती हमारी नहीं है, तुमने केवल 2 बच्चे पैदा किये इसलिये आपदा में तुमको कम राशन मिला। यदि 20 बच्चे होते तो आपको भी भरपूर राशन मिलता और उन्होंने यह भी कह दिया कि आपदा के राशन को लोगों ने अड़ोस-पड़ोस में बेचने का काम भी किया। मुख्यमंत्री जी कहां से यह सब चीजें खोज करके ला रहे हैं? हमारा जो सेंस ऑफ ह्यूमर है, वो भी अब कुंद हो चला है, बस मुख्यमंत्री जी का बयान कहीं हो रहा हो तो उस पर हंसा ही जा सकता है, इसके अलावा और कुछ नहीं किया जा सकता है।
हमारे राज्य के माननीय मुख्यमंत्री जी, धन्य हैं इतिहास का उनका ज्ञान। उन्होंने हमको 200 वर्ष #अमेरिका का गुलाम बना दिया है, शायद उनके नजर में दोनों #गोरे, चाहे वो अमेरिका में रह रहे हों या ब्रिटेन में रह रहे हों, एक समान हैं। कितना अद्भुत है उनकी समझ उन्होंने कहा कि हमने आपदा में लोगों को इतना दे दिया और इतना बढ़िया #चावल दिया जो उन्होंने कभी नहीं देखा, मगर जिसको 10 किलो दिया उसको 20 किलो वाले से जलन क्यों? और जिसको 100 किलो मिल गया क्योंकि उसके 20 परिवार के सदस्य थे उससे सबको जलन थी और उन्होंने कहा कि गलती हमारी नहीं है, तुमने केवल 2 बच्चे पैदा किये इसलिये आपदा में तुमको कम राशन मिला। यदि 20 बच्चे होते तो आपको भी भरपूर राशन मिलता और उन्होंने यह भी कह दिया कि आपदा के राशन को लोगों ने अड़ोस-पड़ोस में बेचने का काम भी किया। मुख्यमंत्री जी कहां से यह सब चीजें खोज करके ला रहे हैं? हमारा जो सेंस ऑफ ह्यूमर है, वो भी अब कुंद हो चला है, बस मुख्यमंत्री जी का बयान कहीं हो रहा हो तो उस पर हंसा ही जा सकता है, इसके अलावा और कुछ नहीं किया जा सकता है।

