DEHRADUNUTTARAKHAND

चारधाम यात्रा 2026 के लिए सख्त एक्शन प्लान: ग्रीन कार्ड, शटल सेवा और सुरक्षा व्यवस्था पर मंत्री प्रदीप बत्रा के बड़े निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर परिवहन आयुक्त कार्यालय, देहरादून में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में परिवहन, पर्यटन, पुलिस, शहरी विकास, लोक निर्माण विभाग एवं उत्तराखंड परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में अपर आयुक्त, परिवहन द्वारा चारधाम यात्रा में परिवहन विभाग के क्रिया-कलापों का विवरण प्रस्तुत किया गया, जिसके अन्तर्गत चारधाम यात्रा में जाने वाले वाहनों को ग्रीन कार्ड / ट्रिप कार्ड जारी किये जाने, वाहनों की व्यवस्था, अस्थाई चैकपोस्टो की स्थापना, यात्रा मार्गो पर प्रवर्तन दलों की तैनाती आदि की कार्ययोजना प्रस्तुत की गयी। इसके अतिरिक्त अन्य विभाग पर्यटन, पुलिस विभाग, शहरी विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अधिकारियों द्वारा चारधाम यात्रा हेतु अपनी कार्ययोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया।

बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त मंत्री द्वारा उपस्थित अधिकारियों से चारधाम यात्रा को सफल, सुरक्षित एवं दुर्घटना रहित बनाने एवं यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु निम्नवत् निर्देश दिये गयेः-

1. चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुगम यात्रा के दृष्टिगत ऋषिकेश के साथ-साथ 20 बसें हरिद्वार से चलाये जाने तथा ऋषिकेश एवं हरिद्वार में बसों की समय सारणी भी प्रदर्शित किये जाने के निर्देश दिये गये।

2. ऋषिकेश-श्रीनगर-केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग पर (दुर्घटना सम्भावित क्षेत्र) जाम या रोड़ बन्द होने की स्थिति में यात्रा बाधित न हो इसके लिए शटल सेवा की व्यवस्था की जाय।

3. चारधाम यात्रा में जा रहे तीर्थयात्रियों को यात्रा / सड़क सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी के लिए ऋषिकेश एवं हरिद्वार के साथ-साथ पहाड़ी यात्रा मार्गों पर भी फ्लैक्सी / एल०ई०डी०/ होर्डिंग आदि के माध्यम से जागरूक किये जाने हेतु विज्ञापन लगाया जाय।

4. यात्रा मार्गों पर यात्रियों के ठहरने वाले स्थानों पर सुलभ शौचालयों लगाये जाय तथा उनकी नियमित साफ-सफाई एवं रख-रखाव की व्यवस्था की जाय।

5. चारधाम यात्रा मार्गों में पड़ने वाली नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों मे जिन स्थानों पर स्थानीय लोग कूड़ा डालते है, उन बिन्दुओं को चिन्हित किया जाये तथा सभी स्थानीय निकायों को उन स्थानों पर अच्छी गुणवत्ता वाले कूडेदानों (डस्टबिन) लगाये जाने के लिए निर्देशित किया जाय।

6. यात्रा पर जाने वाले वाहनों के प्रवेश बिन्दु पर ही सघनता से जाँच कर ली जाय, जिससे यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

7.. यात्रा मार्गों पर जब भी ट्रैफिक वन-वे करना हो, तो वन-वे के समय का निर्धारण करते हुए चालकों/यात्रियों को भी अवगत करा दिया जाय। जाम खुलने पर बसों को पहले प्राथमिकता दी जाय।

8. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से जोड़ने वाले कोरिडोर का निर्माण कार्य त्वरित गति से किये जाने हेतु एनएचएआई / लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये।

9. अन्य राज्यों में पंजीकृत नेशनल परमिट से आच्छादित भार वाहनों को उत्तराखण्ड राज्य के स्थानीय भार वाहनों की भांति पर्वतीय क्षेत्रों में जाने सम्बन्धी व्यवस्था का परीक्षण कर सभी वाहनों के लिए मानकों में एकरूपता लाये जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाय।

10. चारधाम यात्रा के दौरान सभी महत्वपूर्ण विभाग यथा परिवहन, पर्यटन, पुलिस, शहरी विकास एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के आपसी समन्वय बनाते हुये कार्यवाही की जाय।

11. अतिथि देवो भवः की भावना को चरित्रार्थ करते हुए तीर्थ यात्रियों के साथ सुमधुर व्यवहार किया जाय।

बैठक में बृजेश कुमार सन्त, सचिव एवं आयुक्त, परिवहन विभाग, उत्तराखण्ड शासन, सुश्री तृप्ति भट्ट, अपर सचिव, गृह, अभिषेक रोहिला, अपर सचिव, पर्यटन, विनोद गिरी गोस्वामी, अपर सचिव, शहरी विकास, अंकुश बिशप, अपर पुलिस अधीक्षक, सनत कुमार सिंह, अपर परिवहन आयुक्त, मुकेश परमार, मुख्य अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, राजीव कुमार मेहरा, संयुक्त परिवहन आयुक्त, दिनेश चन्द्र पठोई, सुनील शर्मा, शैलेश तिवारी, उप परिवहन आयुक्त, डॉ० अनीता चमोला, संदीप सैनी, संभागीय परिवहन अधिकारी, देहरादून, क्रान्ति सिंह, महाप्रबन्धक परिवहन निगम के अतिरिक्त परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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