UTTARAKHAND
जम्मू-कश्मीर में उर्दू को अनिवार्य भाषा सूची से हटाने पर पीडीपी का विरोध

श्रीनगर।
(भाषा) विपक्षी दल पीडीपी ने जम्मू कश्मीर सरकार के राजस्व अभिलेखों से उर्दू को अनिवार्य भाषा की सूची से हटाने के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया और कहा कि इस कदम के ‘दूरगामी सांस्कृतिक परिणाम’ होंगे।
इल्तिजा मुफ्ती के नेतृत्व में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकर्ता राजस्व अभिलेखों में अनिवार्य भाषाओं की सूची से उर्दू को हटाने के सरकार के फैसले के विरोध में श्रीनगर के ‘शेर-ए-कश्मीर पार्क’ में एकत्रित हुए।
मुफ्ती ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘यह हमारी संस्कृति और हमारी सभ्यता पर हमला है। जम्मू कश्मीर के लोग कश्मीरी, डोगरी, गोजरी और पहाड़ी जैसी अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, लेकिन उर्दू इन सभी भाषाओं के बीच एक साझा कड़ी का काम करती है।’



