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वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड एक्ट की तर्ज पर चार धामों के लिए भी बनेगा अधिनियम

  • विधि आयोग ने पिछले साल में करीब 9 रिपोर्ट सरकार को सौंपी
  • 15 गैर जरुरी कानूनों को समाप्त करने की सिफारिश
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : वैष्णो देवी के श्राइन बोर्ड एक्ट की तर्ज पर उत्तराखंड के चार धामों के लिए भी अधिनियम बनाए जाने की सिफारिश की गयी है। विधि आयोग ने पिछले एक साल में करीब 9 रिपोर्ट सरकार को सौंपी हैं। इसमें एंटीसिपेटरी बेल का अधिकार दिए जाने, गौ वंश संरक्षण अधिनियम को बेहतर तरह से लागू करने समेत कुल 15 गैर जरुरी कानूनों को समाप्त करने की सिफारिश की गयी है।
उत्तराखंड के चार धामों में यात्रियों को हो रही परेशानियों को देखते हुए विधि आयोग ने सरकार को उत्तराखंड चार धाम यात्रा अधिनियम बनाए जाने की सिफारिश की है।  इस अधिनियम के तहत मुख्यमंत्री को चीफ एग्जिक्यूटिव और राज्यपाल को संरक्षक बनाये जाने समेत कुल 10 सदस्यीय कमिटी गठित करने और धामों में सभी अधिकार इनको दिए जाने की सलाह दी है।  
विधि आयोग ने उत्तराखंड में 1975 में अमर्जेंसी के दौरान एंटीसिपेटरी बेल सस्पेंड करने के नियम को समाप्त कर इसका अधिकार लोगों को देने की बात रखी है। यही नहीं ख़ास बात ये है की विधि आयोग के अध्यक्ष ने हाईकोर्ट से लगातार सरकार के लिए परेशानी भरे फैसलों को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि वो मुख्यमंत्री से बात कर सभी स्टैंडिंग कमेटी समेत असिस्टेंट एडवोकेट जनरल को कोर्ट में कैसे अपना पक्ष रखे इसकी ट्रेनिंग देने की बात भी रखेंगे।

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