देहरादून में दिनदहाड़े फायरिंग से दहशत: बढ़ते अपराधों पर उठे सवाल, ‘क्राइम कैपिटल’ की छवि पर बहस
“उत्तराखंड को परमानेंट कैपिटल भले न मिल सकी हो, लेकिन ‘क्राइम कैपिटल’ अवश्य मिल गई है: देहरादून”
नेहा जोशी।
देहरादून में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बीच शहर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। लोगों का कहना है—“उत्तराखंड को स्थायी राजधानी का दर्जा भले ही स्पष्ट रूप से न मिला हो, लेकिन देहरादून ‘क्राइम कैपिटल’ की छवि जरूर हासिल करता जा रहा है।”
दिनदहाड़े फायरिंग से दहशत
शुक्रवार सुबह राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी परिसर के बाहर जिम से निकल रहे एक युवक को सिर पर गोली मार दी गई। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
17 दिनों में पांच बड़ी वारदातें
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ ही दिनों में शहर में हत्या और फायरिंग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। व्यापारी संगठनों ने अतिरिक्त पुलिस गश्त और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल को सील कर सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारी सभी एंगल से जांच की बात कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।”
बढ़ता आक्रोश
सोशल मीडिया और जनचर्चाओं में देहरादून की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी टिप्पणियां हो रही हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो शहर की पहचान पर स्थायी दाग लग सकता है।
निष्कर्ष:
प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के लिए पहचाने जाने वाले देहरादून में बढ़ते अपराधों ने चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई कर शहर को ‘क्राइम कैपिटल’ की छवि से बाहर निकाल पाता है।



