त्रिवेंद्र रावत के 21 महीने, और उनके 21 बड़े फैसले
सूबे को भ्रष्टाचार मुक्त करने के संकल्प के साथ कदम बढ़ रहे आगे …
पहाड़ वासियों का अस्तित्व खात्मे के कग़ार पर!
The existence of mountainous people on the ruin of destruction!
अयोध्याः सरकार जरा दिमाग लगाए
मोदी की बजाय राहुल गांधी की सरकार होती तो क्या होता? डॉ.…
डगमगाते लोकतंत्र की आहट है दिल्ली की सड़क पर किसान मार्च
स्वामिनाथन रिपोर्ट के मद्देनजर किसानो के हक के सवाल समाधान पुण्य प्रसून…
IAS Transfer : शतरंज की बिसात पर कई को मिली मात!
आज फिर शतरंज की बिसात पर कई को मिली मात प्रदेश में…
गैरसैंण पर अजय भट्ट और इंदिरा हृदयेश की ‘पेशेवर धूर्तता’
किसी नेता में है इस धूर्तता का खुला प्रतिकार करने का साहस…
निकाय चुनाव की बतरस …….
एक फूल वाला उम्मीदवार ....... एक बिना फूल के भी फूल का…
पहाड़ से लोगों का ही पलायन नहीं हो रहा है, संस्थानों का भी पलायन हो रहा
एन.आई.टी. शिफ्टिंग पर कुछ बातें ....... पलायन करवाने वाले संस्थानो का कुम्भ…
….खतरे में तो ‘मीडिया’ है जनाब
मीडिया का ‘चेहरा’ आज वो पत्रकार या मीडिया संस्थान नहीं जो पेशेवर…
अपने तो ‘बागवान’ ही बागवानी के दुश्मन !
उत्तराखंड का सेब आज तक अपनी पहचान क्यों नहीं बना पाया बागवानी…


