SPIRITUALITY

श्रावण मास में महामृत्युंजय मंत्र का जाप फलदायी

ऋषिकेश । वैष्णवाचार्य पंडित शिव स्वरूप नौटियाल ने कहा कि श्रावण मास में महामृत्युंजय मंत्र का जाप फलदायी है। इसके निरंतर जाप से असाध्य रोग भी नष्ट हो सकते हैं।
ग्रामसभा खदरी खड़क माफ के चोपड़ाफार्म में चल रही सामूहिक शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन बुधवार को वैष्णवाचार्य शिव स्वरूप ने दिव्य कथा का अमृतपान कराते हुए महामृत्युंजय मंत्र की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महामृत्युंजय मंत्र जाप से और अध्यात्म की शरण में आकर मानसिक शांति मिलती है। कथा के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए भी श्रद्धालुओं को प्रोत्साहित किया। कथा संचालक और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रान्त पर्यावरण प्रमुख विनोद जुगलान ने श्रोताओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हुए पौधों के संरक्षण का संदेश दिया।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, पूर्व प्रधान सरोप पुंडीर, विकास थपलियाल, प्रताप नेगी, सूरत रमोला, जय चौहान, सुभाष कुलियाल, प्रेम लाल, आचार्य गीता राम, आचार्य महेश पंत, रवि कोठियाल, पंकज शास्त्री, मीना कुलियाल, श्यामा राणा, प्यारी देवी, अनिता रावत, चंपा देवी, विजय लक्ष्मी ढौंढियाल, बिश्वेश्वरी, आशा, शशि भट्ट, सरिता कुलियाल आदि मौजूद रहे।

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