CRIME

सामाजिक सरोकारों वाले इस शख्स की तो संगीन धाराओं से भरी पड़ी है कुंडली

पत्रकारिता की आड़ में संपत्ति कब्जाने, ब्लैक मेलिंग, धोखाधड़़ी और साजिशों के मामले दर्ज हुए हैं इस शख्स के खिलाफ

एक नहीं बल्कि कई नाम हैं इस तथाकथित पत्रकार के, देहरादून, गाजियाबााद, नई दिल्ली, रांची, कलकत्ता मेंं मुकदमे लिखे गए 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देहरादून : उत्तराखंड में सामाजिक सरोकार निभाने का दावा करने वाले इस व्यक्ति की कुंडली खंगालोगे तो इसके खिलाफ इतनी धाराएं मिलेंगी कि आप चौंक जाओगे। इसके खिलाफ दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। ऐसा नहीं है कि इसके खिलाफ पत्रकारिता की किसी गतिविधि में कोई मामला है, यानि किसी ने इसके खिलाफ कभी मानहानि का कोई मुकदमा शायद ही किया हो मगर इस पर तो संपत्ति कब्जाने से लेकर धमकी देने, ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी करने, दुराचार करने की धाराओं का आरोपी है। सरकार का तख्ता पलटने की साजिश में भी इस पर मुकदमा चला है। 
अब भी कोई इसे उत्तराखंड की चिंता करने वाला माने तो समझ लीजिएगा कि वो व्यक्ति खुद ही धोखा खाने को जानबूझकर तैयार बैठा है। पत्रकारिता के नाम पर साजिशें और धोखाधड़़ी करने वाले इस शख्स का एक नहीं, बल्कि कई नाम हैं, जो संगीन धाराओं में कई राज्यों के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। 
यह सब बातें पुलिस के रिकार्ड से सामने आ रही हैं। यह शख्स है उमेश कुमार उर्फ उमेश कुमार शर्मा उर्फ उमेश शर्मा उर्फ उमेश भारद्वाज और यहाँ तक कि सूत्र बताते हैं कि इसने कई बार अपना नाम उमेश बब्बर तक बताया है। यह खुद को वरिष्ठ पत्रकार बताता है और पत्रकारिता की आड़ में फर्जी स्टिंग आपरेशन बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोपी है।
इसके खिलाफ देहरादून के ही राजपुर थाना में मुख्यमंत्री तथा अन्य अधिकारियों का फर्जी स्टिंग आपरेशन बनाने के लिए कुछ लोगों को भय दिखाने का मामला दर्ज हो चुका है। इस पर अपने कुछ साथियों की मदद से निजी संपत्ति में जबरदस्ती घुसने, संपत्ति कब्जाने और खुद के बताए रेट पर नहीं बेचने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। 
एक मुकदमा तो राजस्व अभिलेखों में धोखाधड़ी से अपना नाम दर्ज कराने का है। इनमें से कई मामलों में विवेचना चल रही है। इसके खिलाफ देहरादून, गाजियाबााद, नई दिल्ली, रांची, कलकत्ता मेंं मुकदमे लिखे गए थे। इन सब पर इसका दावा है कि यह उत्तराखंड का हितैषी है, जिस व्यक्ति पर इतने सारे मामले दर्ज हो। उस पर कैसे विश्वास किया जा सकता है कि वह पूरी ईमानदारी से यह दावा कर रहा है। यहां देखिये इसके खिलाफ संगीन मामलों की फेहरिस्त …..

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