UTTARAKHAND

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सड़क के लिए श्रमदान कर रहे युवाओं की मुहीम को लगाए पंख 

युवाओं के श्रमदान से बन रही सड़क को मिला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र का साथ

ग्रामीण मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने और उन्हें सुविधा मुहैया कराने के बाद से  हैं भाव विभोर

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून : पिथौरागढ़ जिले की गंगोलीहाट तहसील के अंतर्गत आता एक गांव जिसका नाम है टुंडा चौड़ा, आज़ादी के बाद से मात्र तीन किलोमीटर सड़क की बाट जोहता यह ऐसा गांव है जहां के लोग बीमार होने पर भगवान् के भरोसे ही नजदीक के अस्पतालों तक पहुँच पाते हैं। ऐसे में टुंडा चौड़ा गांव के एक युवक गोविन्द बिष्ट जो इलेट्रॉनिक मीडिया में वर्षो तक काम करने के बाद अपने गांव की तरफ जाने की सोचता है और धीरे-धीरे अस्थायी राजधानी देहरादून में रहने का मोह त्यागते हुए पहुँच जाता है अपने गांव टुंडा चौड़ा जो मुख्य सड़क से लगभग तीन किलोमीटर दूर है , गांव प्रकृति के बीच बसा हुआ है लिहाज़ा वह धीरे-धीरे वहां रमने लगा। उंसने गांव के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना शुरू किया और अपनी पत्नी मनीषा  को वहां से ग्राम पंचायत के चुनाव में प्रधान का लड़वाया ही नहीं गांवसियों ने उन्हें जीता भी दिया।  अब उनके ऊपर और भी जिम्मेदारी आ गई तो उन्होंने सबसे पहले अपने गांव तक सड़क लाने की सोची क्योंकि उनका मानना है कि सड़क आएगी तो विकास की किरण भी उनके गांव तक आएगी।
उन्होंने आपने गांव के युवाओं को एकत्रित कर अपनी मुहीम में शामिल कर दिया, उनकी मुहीम में कोरोना संक्रमण के कारण मैदानी इलाकों में गए ग्रामीणों के वापस गांव आने वालों का भी साथ मिला तो मुहीम और आगे बढ़ी।  ग्रामीणों ने सड़क तक पहुँचने के लिए सबसे पहले सड़क के लिए रैकी की कि कैसे सड़क गांव तक पहुंचेगी। उनकी इस योजना में गांव के बड़े -बुजुर्गों का भी खूब साथ मिला जो कई दशकों से गांव तक सड़क पहुंचने का सपना अपने दिलों में संजोये हुए थे।  इस अभियान में सबसे पहले ग्रामीणों ने अपने खेतों से होकर सड़क काटने की ठानी तो सैकड़ों ग्रामीण युवा एकत्रित होकर श्रमदान से लगे सड़क बनाने, लेकिन सड़क बनाना इतना आसान कहां था लेकिन फिर भी ग्रामीण गैंती, सब्बल और फावड़े से सड़क काटने लगे इस दौरान उनके मार्ग में पत्थरों और चट्टानों की बाधाएं भी आने लगी और ग्रामीणों के हौसलों के आगे वे भी नहीं टिक पाए।

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इतने में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ग्रामीण युवाओं द्वारा सड़क निर्माण किए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने जिला प्रशासन को सड़क के लिए आवश्यक सुविधायें ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।  जिसके बाद टुंडा चौड़ा तक लिए अब सड़क का निर्माण और भी आसान हो गया , ग्रामीण मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने और उन्हें सुविधा मुहैया कराने के बाद भाव विभोर हैं।  वे मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते नहीं थक रहे वे कहते हैं ऐसा मुख्यमंत्री उन्होंने नहीं देखा जो अपने प्रदेश के ग्रामीणों की इस तरह सुध लेता हो।  इतना ही नहीं गोविन्द की इस मुहीम में अब अब  ग्रामसभा ईटाना, ग्राम सभा दुगईआगर, ग्राम सभा खेतीगांव, सहित कनारा, कंडारीछीना आदि ग्रामसभाओं से भारी संख्या में युवा व बुजुर्ग शामिल हो गए हैं। 

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