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औधेमुंह गिरा भारत बन्द का अभियान : मुन्ना सिंह चौहान

देहरादून । भारत बन्द आह्वान करने वाले राजनैतिक दलों को आज देश की जनता ने आईना दिखाने का काम किया। इनका भारत बन्द का अभियान औधेमुंह गिरा है । देश की जनता देश के हित में उठाये गये नोटबन्दी के कदम पर पूरी ताकत से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा क्योंकि देश की जनता हर कीमत पर कालाधन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नक्सलवाद, नकली नोट और चुनाव में कालेधन के प्रयोग के नासूर से मुक्ति चाहती है। वास्तव में जन आक्रोश नोटबंदी के खिलाफ नही बल्कि इस मुद्दे पर भारत बन्द की घोषणा देने वाली पार्टियों के खिलाफ है और इसी का नतीजा है कि तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टियो को भारत बन्द के बीच में ही बाहर खड़ा होना पड़ा। जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो कालेधन के खिलाफ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कदम का विरोध करके उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी पार्टी कालाधन की पोषक है जिससे उनकी बची-खुची साख को भी पलीता लग गया।

उनका कहना था कि यही कारण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुहिम को भारी जन समर्थन के कारण कांग्रेस हाईकमान के निर्णय के विपरीत उत्तराखण्ड कांग्रेस ने कई दिनों तक बन्द का ढोल पीटने के बाद महज कुछ घण्टे पहले सफाई देनी पड़ी कि कांग्रेस उत्तराखण्ड ने बन्द की घोषणा नही दी। इस प्रकार कांग्रेस को बिल में जाकर छिपना पड़ा, क्योंकि जन दवाब से घबराकर ही उत्तराखण्ड कांग्रेस को बन्द की अपनी घोषणा वापिस लेनी पड़ी और अब सफाई देते फिर रहे हैं। लेकिन कालेधन और भ्रष्टाचारियों के साथ कांग्रेस की सांठ-गांठ जग जाहिर है।

मुन्ना सिंह चौहान ने कहा जनता में जबरदस्त किरकीरी होने के बाद अब मा0 मुख्यमंत्री जी कमेटी गठित कर उत्तराखण्ड को होने वाले नुकसान का झूठा एवं मनगढ़ंत ढिढोंरा पीट करके अपनी सरकार और कांग्रेस के चेहरे पर लगी कालिक को धोने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी मा0 मुख्यमंत्री जी को खुली चुनौती देती है कि अपनी सरकार के जिन भी विशेषज्ञों की उपस्थिति में वे चाहे हम बहस कर सकते हैं और साबित कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री के नोटबंदी से उत्तराखण्ड को आने वाले दिनों में नुकसान नही बल्कि फायदा होगा। इसलिये उत्तराखण्ड को आर्थिक नुकसान सम्बन्धित मुख्यमंत्री का बयान केवल झूठी, मनगढ़ंत कहानी के सिवाय कुछ नही है।

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