ईरान का बड़ा फैसला: भारत समेत इन देशों के लिए खुला ‘स्टेट ऑफ होर्मुज’

ईरान ने भारत के लिए बड़ी राहत की खबर दी है। जिसमें की ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि भारत समेत कुछ “मित्र देशों” के जहाजों को स्टेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की है। ईरान के मुताबिक, भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को भी इस रास्ते से जाने दिया जा रहा है। इससे इन देशों के व्यापार और तेल सप्लाई पर बड़ा असर कम हो सकता है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज मार्ग को खोलने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इस रास्ते के बंद रहने से तेल, गैस और खाद की सप्लाई पर असर पड़ रहा है और दुनिया भर में आर्थिक और मानवीय संकट बढ़ रहा है। जो देश जंग में शामिल नहीं उनपर हमले रोकें
गुटेरेस ने एक्स पर लिखा, “होर्मुज जलडमरूमध्य का लंबा बंद रहना तेल, गैस और खाद की आवाजाही को रोक रहा है। क्षेत्र और उससे बाहर के आम लोग भारी मुश्किलें झेल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र युद्ध के नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा है. सबसे अच्छा तरीका है कि युद्ध तुरंत खत्म हो।”
उन्होंने अमेरिका और इजराइल से अपील की कि पश्चिम एशिया में युद्ध बंद करें. साथ ही ईरान से कहा कि जो पड़ोसी जंग में शामिल नहीं हैं, उन पर हमले रोकें। इससे पहले 25 मार्च को न्यूयॉर्क में ईरानी मिशन ने कहा था कि “गैर-दुश्मन जहाजों” को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। मिशन ने पोस्ट में लिखा कि अगर कोई जहाज ईरान के खिलाफ आक्रामक कामों में शामिल नहीं है और सुरक्षा नियमों का पालन करता है, तो वह ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करके सुरक्षित गुजर सकता है। ईरान के रक्षा परिषद ने भी साफ कहा है कि “गैर-दुश्मन जहाजों” का आवागमन ईरानी अधिकारियों से पहले समन्वय पर निर्भर करेगा।
केवल गैर-शत्रु देशों को मिली इजाजत
ईरान ने यह भी साफ किया है कि सिर्फ “गैर-शत्रु” यानी जो देश उसके खिलाफ नहीं हैं, उनके जहाजों को ही अनुमति मिलेगी। साथ ही, जहाजों को ईरान के सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा और पहले से अनुमति लेनी होगी। स्टेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, इसलिए इसका खुलना भारत समेत कई देशों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।



