ध्वनिमत से बजट पारित, देर रात अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई उत्तराखंड विधानसभा
गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट ध्वनिमत से पारित करा दिया है। भारी हंगामे और चर्चा के बाद देर रात सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। बजट में विकास, पर्यटन और युवाओं पर विशेष फोकस किया गया है।
मुख्य बातें:- बजट का आकार: ₹1,11,703.21 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.41 अधिक है।
मुख्य फोकस:- ज्ञान मॉडल के माध्यम से समग्र विकास, विरासत और आधुनिकीकरण का संतुलन। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरा।
41 घंटे 10 मिनट चला सदन
बजट सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट और 12 विधेयक पारित किए गए। 9 मार्च से उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ और सत्र के दौरान 5 दिनों में कुल 41 घंटे 10 मिनट की कार्रवाई हुई। इस दौरान विधानसभा को 50 अल्प सूचित प्रश्न प्राप्त हुए और तारांकित प्रश्न 545 प्राप्त हुए।
विधानसभा सत्र के दौरान 291 प्रश्नों के उत्तर दिए गए। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान चार अध्यादेशों को मंजूरी दी गई। .बजट सत्र में विनियोग विधेयक समेत 12 विधेयकों को विधानसभा सत्र के दौरान मंजूरी दी गई।
सदन में पास हुए 4 अध्यादेश 12 विधेयक
उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनिमन और सेवा शर्त) संशोधन अध्यादेश 2025
उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026 विधेयक।
उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक, 2026
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026।
विधानसभा सत्र की कार्यवाही को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि बजट सत्र में विपक्ष ने अपनी जिम्मेदारी का पूरी ईमानदारी से निर्वहन किया है। सरकार समय से पहले बजट सत्र खत्म करना चाहती थी, लेकिन हमने सरकार को सदन में प्रश्न काल से लेकर अलग-अलग नियमों में घेरने का कार्य किया है।आर्य ने कहा कि सदन के भीतर विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को निरुत्तर किया है। सरकार का बजट सिर्फ झूठ का पुलिंदा है। इस बजट में ऐसा कुछ नहीं जिसकी तारीफ की जाए।
बजट सत्र को लेकर कांग्रेसी विधायक भी काफी जोश में नजर आए। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक हरीश धामी व भुवन कापड़ी ने कहा कि सत्र में सरकार की पोल खोलने का काम हुआ है। विभागीय प्रश्नों में मंत्रियों के पास उत्तर नहीं थे, अधिकारी गलत आंकड़े पेश करते हैं। भाजपा के विधायक ब्रजभूषण गैरोला ने कहा की बजट सत्र में कांग्रेस सिर्फ सरकार का विरोध करती नजर आई।
कांग्रेस ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भाग नहीं दिया और सदन में नियमों का हवाला देने लगी। कांग्रेस ने कहा कि सत्र की अवधि लंबी होनी चाहिए, लेकिन कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में शामिल न होकर कांग्रेस की बात सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी साबित हुई।



