बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट को सस्पेंड करने के साथ लिए गए ये एक्शन, पढ़िए खबर

नई दिल्ली: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. उन्होंने इस्तीफे के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की कुछ नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए थे. मुख्य रूप से उन्होंने नए यूजीसी नियमों का विरोध किया, जिन्हें वे सामान्य वर्ग खासकर ब्राह्मण, क्षत्रिय आदि के छात्रों के लिए भेद-भावपूर्ण मानते हैं.
उनका दावा है कि ये नियम सामान्य वर्ग के युवाओं को संदिग्ध नजरिए से देखते हैं और इससे समाज में तनाव बढ़ सकता है.इसके अलावा, उन्होंने प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट और अपमान की घटना का भी जिक्र किया. अलंकार ने इसे ब्राह्मण समाज और साधु-संतों की धार्मिक पहचान पर हमला बताया और सरकार पर संवेदनशीलता की कमी का आरोप लगाया. उन्होंने अपने पांच पेज के इस्तीफा पत्र में इन मुद्दों को विस्तार से लिखा और कहा कि मौजूदा व्यवस्था में ब्राह्मण समाज असुरक्षित महसूस कर रहा है.
अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ क्या-क्या एक्शन लिए गएयूपी सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और अलंकार के इस्तीफे के बाद भी अलंकार अग्निहोत्री की सेवा जारी मानी गई और प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है, जिसकी जिम्मेदारी बरेली मंडल के आयुक्त को सौंपी गई है.
जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री शामली जिले के जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध रखा गया. इस दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा.
उधर देशभर में बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं. दिल्ली स्थित यूजीसी मुख्यालय के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दायर के यूजीसी के नए नियमों को चुनौती दी गई है. उधर सोशल मीडिया पर #UGCRollback जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं और सामान्य वर्ग के लोग अलंकार अग्निहोत्री का समर्थन कर रहे हैं.



