CDO, DFO, SDM तीनों को लाइन में खड़ा कर गांव वालों ने लगा दी क्लास, माफी मांगने लगे अधिकारी
टिहरी के थौलधार विकासखंड के सुल्याधार जंगल में भालू के हमले में तीन लोगों के घायल होने के बाद जनता में भारी आक्रोश देखा गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय नई टिहरी पहुंचकर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) पुनीत तोमर का घेराव किया। विरोध के बाद डीएफओ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
इस दौरान घायल ग्राम प्रधान युद्धवीर सिंह रावत और पूर्व मंत्री दिनेश धनै के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण डीएफओ पुनीत तोमर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भालू की चहलकदमी को लेकर चार माह पहले भी सूचना दी गई थी, लेकिन वन विभाग ने कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही के कारण एक सप्ताह पहले भालू ने एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जो एम्स अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। गुरुवार को भी भालू ने एक वन दरोगा, ग्राम प्रधान और एक अन्य ग्रामीण को घायल कर दिया।
वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने डीएफओ से जनता के सामने सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। अपनी गलतियों का एहसास करते हुए डीएफओ पुनीत तोमर ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। ग्रामीणों ने डीएफओ को जिले से स्थानांतरित करने की भी मांग की, उनका कहना था कि डीएफओ का जनता के प्रति व्यवहार सकारात्मक नहीं रहता।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै, जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा, शक्ति प्रसाद जोशी, ऋषि राम भट्ट और उम्मेद सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।



