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बड़ी ख़बर : तो क्या अब भी न होगी मेयर गामा की अकूत संपत्ति की जांच

बड़ी ख़बर : तो क्या अब भी न होगी मेयर गामा की अकूत संपत्ति की जांच

वकील विकेश की शिकायत पर पीएमओ खासा गंभीर

सीएस को लिखा खत, शिकायत को पोर्टल भी डाले

विजिलेंस विभाग से एक महीने से साध रहा है मौन

कोर्ट मे सीआरपीसी की धारा में चल रहा है विचार

देहरादून। आरोप है कि मेयर गामा ने पद संभालने करोड़ो की संपत्ति जमा की है। अधिवक्ता विकेश ने इस बारे में आरटीआई से सूचना लेने के बाद इसका खुलासा किया था। उन्होंने इसकी शिकायत विजिलेस से भी की। पर कुछ भी न हुआ। अब पीएमओ ने इसका संज्ञान लिया है और उत्तराखंड के मुख्य सचिव को कहा है कि इसकी जांच की जाए। अब सवाल ये हैं कि क्या उत्तराखंड सरकार पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस चहेते पर जांच की आंच पहुंचाएगी।

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अधिवक्ता विकेश नेगी से आरटीआई से सूचना लेकर इसका खुलासा किया था कि मेयर गामा की संपत्ति में किस तरह से चार सालों में करोड़ो का इजाफा हुआ है। इस पर मेयर ने जवाब दिया कि उन्होंने चाउमीन का ठेला लगाया और पान भी बेंचे। नेगी ने इसकी शिकायत उत्तराखंड विजिलेंस के साथ ही पीएमओ को भी भेजी। साथ ही सीआऱपीसी की धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में भी अर्जी दाखिल की। कोर्ट इस पर विचार कर रहा है। पर इसी बीच पीएमओ ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजकर कहा है कि न केवल इसकी जांच की जाए, बल्कि इसे पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए। साथ ही इसकी सूचना शिकायतकर्ता को भी दी जाए।

अब देखने वाली बात ये होगी कि उत्तराखंड के मुख्य सचिव और उत्तराखंड का विजिलेंस विभाग इस पर क्या एक्शन लेता है। या फिर मेयर को उसी तरह से काम करने की क्लीन चिट चिट देता है।

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