ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम अब लगा है दिखने
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर नई दिल्ली से देहरादून तक तेजस ट्रेन की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। पाथवे मिलते ही यह सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड के लिए बजट की कमी नहीं आने देने का भी आश्वासन दिया। हरिद्वार कुम्भ के लिए प्रयागराज की तर्ज पर ही व्यवस्थाएं की जाएंगी।
मीडिया से बात करते हुए रेल मंत्री गोयल ने यह जानकारी दी। इससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में रेल मंत्री से मुलाकात करके उत्तराखण्ड में रेल सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए रेल मंत्री गोयल ने बताया कि उत्तराखण्ड की रेल परियोजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। उत्तराखण्ड में ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम दिखने लगा है। इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी टीम की प्रशंसा की जानी चाहिए। हमें दूसरे राज्यों में जो समस्याएं आती है, उत्तराखण्ड में नहीं आई।
उन्होंने कहा कि हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि अगले ढाई वर्ष में श्रीनगर गढ़वाल तक रेल पहुंचा दी जाए। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में इनोवेटिव काम किया जाएगा। वर्ष 2021 मे हरिद्वार में होने वाले कुम्भ मेले के लिए रेलवे विभाग, प्रयागराज की भांति ही पूरी तैयारी करेगा। देहरादून, हरिद्वार स्टेशनों की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
रेल मंत्री ने कहा कि दून रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण इस वर्ष नवम्बर तक कर दिया जाएगा। जल्द ही रेलवे के उच्च अधिकारियों के दल को उत्तराखण्ड भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री रावत ने ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना की प्रगति की जानकारी दी। बताया कि 126 किमी. लम्बी रेलवे लाइन के अन्तर्गत फॉरेस्ट लैंड को नॉन फॉरेस्ट लैंड में परिवर्तन को स्वीकृति मिल गयी है। 167 हेक्टेयर निजी राजस्व भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। परियोजना के लिए जियो टैक्नीकल इन्वेस्टीगेशन भी पूरी हो गई है।
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से कहा कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में रेल यातायात में वृद्धि होना स्वाभाविक है। इसे देखते हुए हरिद्वार-रायवाला अथवा हरिद्वार-देहरादून के मध्य रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाना चाहिए। ऋषिकेश में रेल कंटेनर डिपो की आवश्यकता है। देहरादून व ऋषिकेश स्टेशन के मध्य सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लक्सर की भांति रायवाला स्टेशन से पहले डाइवर्जन लाइन की जरूरत है।