बर्फीली रात, भूखे यात्री और गायब प्रशासन : बर्फबारी में 18 घंटे ठप रहा ग्रीष्मकालीन राजधानी का हाईवे

ग्रीष्मकालीन राजधानी का राजमार्ग 18 घंटे रहा बंद, बर्फवारी की संभावनाओं को लेकर राजमार्ग विभाग की अधूरी तैयारियां बनी सरदर्द।
विभाग व प्रसाशन रहा गायब, छोटे बच्चों के साथ बर्फीली ठंड में जंगल के बीच फंसे रहे यात्री।
10 किलोमीटर सड़क खोलने को 7 बजे पंहुचा एक जेसीबी नहीं खोल सका सडक, 20 से 30 किलोमीटर दूर वापस गये यात्री।
मेहलचौरी (गैरसैंण) – 24 जनवरी 2026
ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग बर्फवारी के चलते 18 घंटे तक बंद रहा। राजमार्ग के बंद रहने से वाहनों में सवार यात्री छोटे बच्चों के साथ जंगल के बीच फंसे रहे। रात 12 बजे तक सड़क न खुलने से परेशान यात्रीयों ने 20 से 30 किलोमीटर दूर आदिबद्री कर्णप्रयाग ओर गैरसैंण वापस जाकर भुखे पेट ही रात गुजारी।
जबकि राजमार्ग विभाग के साथ ही आपदा के मौसम में अलर्ट मोड पर रहने वाले प्रशासन भी मौके से गायब दिखा।
दिवालीखाल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग ज्योलीकोट – कर्णप्रयाग 109 पर जाडों के मौसम में बर्फ पड़ने से सड़क जाम होना आम बात है। पिछले सप्ताहभर से मौसम विभाग की संभावित चेतावनियों के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग अपनी तैयारीयों को लेकर सोता हुआ नजर आया। आपदा के दौरान काम के लिए विभाग के पास अपना या अनुबंध का एक अदद जेसीबी तक उपलब्ध नहीं है, जिसका खामियाजा इस मार्ग से सफर कर रहे यात्रीयों को भुगतना पड रहा है।
पुलिस विभाग के 112 नम्बर की सहायता सेवा भी आश्वासन तक ही सिमित रही। बर्फवारी में आड़े तिरछे खडे वाहनों ओर फिसलन के कारण जाम की स्थिति रही, जिससे लोग वापस भी नहीं जा सके।
बर्फवारी के चलते स्थानीय प्रशासन को वाहनों को आदिबद्री व गैरसैंण में ही रोका जाना चाहिए था। लेकिन पुलिस विभाग की ऐसी कोई व्यवस्था न होने से बर्फवारी प्रभावित क्षेत्र में ही बडी संख्या में वाहनों का जमावडा लगा रहा।
शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुई बारिश के तत्काल बाद ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, तेज बर्फबारी के बाद दिवालीखाल से कर्णप्रयाग की तरफ 6 किलोमीटर जंगलचट्टी, मालसी व खेती तक जबकि गैरसैंण की तरफ 3 किलोमीटर कालीमाटी की तरफ शनिवार सांयकाल 5 बजे से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। लेकिन बर्फबारी के 5 घंटे बीतने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग कोई प्रयास करता हुआ नजर नहीं आया, जिसके चलते बड़ी संख्या में दिवाली खाल के दोनों तरफ यात्री वाहन फंस गए। यात्री वाहनों में कई परिवार छोटे-छोटे बच्चों के साथ बर्फीली ठंड में जंगल के बीचोबीच फंसकर जान बचाते नजर आए।
दरअसल पहाडों में बारिश ओर बर्फबारी की संभावना के बीच बडी संख्या में इस मार्ग से पर्यटक औली जोशीमठ की तरफ रुख करते हैं। वहीं बड़ी संख्या में रानीखेत व गैरसैंण की तरफ आने वाली यात्री शामिल रहे। देर शाम 7 बजे तक भी कर्णप्रयाग की तरफ से आने वाला जेसीबी 3 किलोमीटर दूर खेती तक ही पहुंच पाया था।
वहीं गैरसैंण की तरफ से विभाग के पास जेसीबी की कोई व्यवस्था नहीं थी। जेसीबी संचालक रात 12 बजे तक सड़क खोलने के प्रयास करता लेकिन अत्यधिक बर्फ के कारण सफलता नहीं मिली। जिसके बाद रविवार की सुबह दोनों तरफ से जेसीबी वाहन रविवार 12 बजे दिन में सडक को सुचारू कर पाए। विभागीय कनिष्ठ मुकेश लसियाल ने बताया कि कर्णप्रयाग से दिवालीखाल की तरफ जेसीबी भेजा दिया गया है। विभाग के पास फिलहाल अपना या अनुबन्धित जेसीबी न होने से परेशानी हो रही है।



