UTTARAKHAND

पिथौरागढ़ में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था: लापरवाही से निर्मला देवी को गंवाना पड़ा पैर

पिथौरागढ़ बदहाल स्वास्थ्य सिस्टम से अपाहिज हुई निर्मला देवी, गंवा दिया पैर

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर लगातार सिस्टम पर गंभीर आरोप लगते आए हैं। इतना ही नहीं बल्कि लापरवाह सिस्टम के कारण अभी तक कई सारे लोग अपनी जिंदगी गवा चुके हैं। ऐसा ही कुछ हैरान कर देने वाला मामला पिथौरागढ़ जिले से सामने आ रहा है, जहाँ पर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक महिला को अपना पैर गवाना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ जिले के झूलाघाट क्षेत्र के बिसखोली गांव की निवासी 34 वर्षीय निर्मला देवी बीते 25 जनवरी को पेड़ से गिरकर घायल हो गई थी। इसके बाद निर्मला के परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर गए, जहां पर निर्मला के पति नरेंद्र सिंह बोरा ने बताया कि यहां पर सिर्फ उनके पैर में बने गांव में टांके लगाकर बिस्तर दे दिया गया।

निर्मला के पैर के भीतर और कितनी चोट लगी है इसका पता लगाने की कोशिश तक नहीं की गई। 5 दिन के बाद 29 जनवरी को अचानक चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया।
निर्मला की जान बचाने के लिए काटना पड़ा पैर

घायल महिला को बरेली के एक अस्पताल ले जाया गया जहां पर जांच में पता चला कि समय पर सही इलाज ना हो पाने के कारण टूटी हड्डी में इंफेक्शन हो गया है और मवाद काफी ज्यादा बढ़ गया है। हड्डी में मवाद बनने से निर्मला का पैर नहीं बचाया जा सका ऐसे में डॉक्टरों को निर्मला की जान बचाने के लिए उनके बाएं पैर को काटना पड़ा।

अस्पताल प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोप

निर्मला के पति ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि बेहद कम उम्र में अपना पैर गवाकर निर्मला को दिव्यांग बनना पड़ा है इसका जिम्मेदार जिला अस्पताल प्रबंधन है। बताया जा रहा है कि निर्मला के पैर में बने घाव से लगातार खून रिसता रहा लेकिन संबंधित डॉक्टर खून का रिसाव नहीं रोक सके।

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