इकोसिस्टम, वनस्पति और वन्यजीव व आर्थिक संपदा को भारी नुकसान
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर अधिवक्ता ऋतुपर्ण उनियाल ने कहा है कि उत्तराखंड में वन, वन्यजीवों और पक्षियों को जंगल में लगने वाली आग से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
गुरुवार को दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य में जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान होता है। याचिका में केंद्र, उत्तराखंड सरकार और राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को आग लगने से पूर्व की व्यवस्था करने और जंगल को आग से बचाने की नीति तैयार करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
यह याचिका वकील रितुपर्न उनियाल ने दायर करते हुए उन्होंने स्वतंत्र एजेंसी से मामले में जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पशुओं के साम्राज्य को वैधानिक क्षेत्र के रूप में घोषित करने का निर्देश देने की भी मांग की है।
वकील ने याचिका में कहा है, ‘उत्तराखंड में जंगल में आग लगना आए दिन की और ऐतिहासिक घटना है। हर साल उत्तराखंड में जंगल में आग लगती है जिससे वन इकोसिस्टम, वनस्पति और वन्यजीव के साथ ही आर्थिक संपदा को भारी नुकसान होता है। उत्तराखंड में जंगल में लगने वाली आग एक बड़ी त्रासदी है।’