कृषि बिल से अन्नदाता होंगे आत्मनिर्भर : कौशिक
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
चुनाव जीतने का कोई मंत्र नही,तुष्टिकरण छोड़े हरीश:भगत

देहरादून 13 दिसंबर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा की चुनाव जीतने के लिए किसी गुरु मंत्र की जरुरत नही होती बल्कि इसके लिए परिश्रम, आम जनता के बी च जाकर विकास और झूठ से बचने की आवश्यकता होती है। उपवास के बजाए पश्चाताप पर हरीश रावत के कटाक्ष पर उन्होंने कहा की वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की राय का सम्मान करते है कि उन्हें कांग्रेस में प्रिंसिपल के लिए कोई उपयुक्त नेता नही मिला। उन्होंने कहा की वह 3 बार नैनीताल,एक बार हल्द्वानी और वर्तमान में कालादूँगी से विधायक चुने गए। उन्हें जनता ने विकास की बदौलत वोट किया और जनता परखने के बाद मत देती है। उन्होंने कहा की रावत तुष्टिकरण, और फरेब की राजनीति छोड़े तो विजय उन्हें भी मिलेगी। गौरतलब है कि हरीश रावत के प्रस्तावित उपवास पर बिगत दिनों बीजेपी अध्यक्ष ने रावत को अपने कार्यकाल में हुए भरष्टाचार पश्चाताप करने की सलाह दी थी।
देहरादून: शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच प्राथमिकता देती है इसी को दृष्टिगत रखते हुए नए किसान बिल लाये गए हैं इससे किसानों की आय में बेतहाशा वृद्धि होगी । रविवार को भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने जो तीन विधेयक किसानों के हित में पारित किए हैं उससे किसानआत्मनिर्भर और सशक्त होगा।
श्री कौशिक ने कहा कि किसानों पर अपनी फसल को बेचने को लेकर जो बंदिशें वर्षों से लगी थी इन कृषि विधेयकों के माध्यम से प्रधानमंन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अन्नदाताओं को असली आजादी दी है। किसान ग्लोबलाइजेशन के दौर में आत्मनिर्भर , सशक्त व उनकी आय बढ़ सके इसी को मध्य नजर रखते हुए मोदी सरकार ने 3 कृषि विधेयक पारित किए हैं। लेकिन दुर्भाग्य से विपक्षी दलों द्वारा हमारे मेहनती किसान,अन्नदाताओं को बरगलाने का काम किया जा रहा है।
श्री कौशिक ने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व आज इस बिल का विरोध करने वाले कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल इस विधेयक के पक्ष में थे ये उनके लोकसभा और राज्यसभा में दिए बयानों से स्पष्ट है। लेकिन आज इन कानूनों के प्रति उनका रुख बहुत ही निराशाजनक है। लोकतंत्र में विरोध करना पूर्ण रूप से सभी का अधिकार है लेकिन देश के अन्नदाताओं को गुमराहित कर उनके हितों के साथ कुठाराघात करने का विपक्षी दलों का अभियान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों सदनों में स्वच्छ चर्चा के बाद ये बिल भारी बहुमत से पास हुए हैं जिसमें दूसरे दलों ने भी सदन में इस बिल का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि किसानों को गलत तथ्य देकर भ्रमित किया जा रहा है कि वह अपने जमीन का मालिकाना हक खो देगा किसान आज भी अपनी जमीन का मालिक है और कल भी रहेगा । सरकार ने इस बिल में किसानों के लिए बोनस की व्यवस्था रखी है इसके अंतर्गत यदि किसान को अपना करार समाप्त करना है तो इसके लिए वह पूर्ण स्वतंत्रत है।
श्री कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्पष्ट कहा है ये बिल किसानों के हितों व उनकी आय बढ़ाने के लिए लाया गया है बिल में एमएसपी जिस प्रकार से पहले थी उसी प्रकार से आगे भी चलती रहेगी । लेकिन एमएसपी को लेकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है वह बहुत ही निंदनीय है ।
श्री कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्पष्ट कहा है ये बिल किसानों के हितों व उनकी आय बढ़ाने के लिए लाया गया है बिल में एमएसपी जिस प्रकार से पहले थी उसी प्रकार से आगे भी चलती रहेगी । लेकिन एमएसपी को लेकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है वह बहुत ही निंदनीय है ।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसानों के बीच में जाकर इस विधेयक की पूर्ण जानकारी साझा करेंगीं। उनके हकों के लिए केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता दी है ये किसानों को बताएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानो को मंडी की समाप्ति को लेकर भ्रमित किया जारहा है जो कि सरासर गलत प्रचार है इसके लिए प्रधानमंत्री व कृषि मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार मंडी पहले थी उसी तरह आगे भी रहेगी। इन विधेयकों से किसान हर प्रकार से स्वतंत्र हो गया है वह अब अपनी फसल मंडी के अंदर और मंडी के बाहर, राज्य में या राज्य के बाहर कहीं भी उचित दाम पर स्वेच्छा से बेचने के लिए स्वतंत्र है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए कार्यों के बारे में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा 2013 -2014 कृषि बजट की तुलना में 2020- 2021 कृषि बजट में 6 गुना की वृद्धि हुई है यह एक ऐतिहासिक कार्य है कि 6 साल में 6 गुना की वृद्धि हुई है। 2020 में भारत सरकार ने एक लाख 34 हजार 399 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान किया है 2015-16 में 252 मीट्रिक टन अनाज था 2019-20 में 297 मीट्रिक टन अनाज का संग्रहण किया।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए कार्यों के बारे में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा 2013 -2014 कृषि बजट की तुलना में 2020- 2021 कृषि बजट में 6 गुना की वृद्धि हुई है यह एक ऐतिहासिक कार्य है कि 6 साल में 6 गुना की वृद्धि हुई है। 2020 में भारत सरकार ने एक लाख 34 हजार 399 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान किया है 2015-16 में 252 मीट्रिक टन अनाज था 2019-20 में 297 मीट्रिक टन अनाज का संग्रहण किया।



