देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने चुनावी तैयारियों का मंत्र देने के बाद पार्टी में अनुशासन की लक्ष्मण रेखा भी खींची।
उन्होंने साफ संकेत दिया कि वर्ष 2027 की राह केवल केंद्र-प्रदेश सरकार की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता, आपसी संवाद और बूथ स्तर की सक्रियता से तय होगी।
सीधे प्रदेश अध्यक्ष से संवाद करे
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दो टूक संदेश दिया कि पार्टी के अंदरूनी मसले सार्वजनिक मंचों या बाहरी प्लेटफार्म पर नहीं जाने चाहिए। यदि किसी को कोई शिकायत या समस्या है, तो वह सीधे प्रदेश अध्यक्ष से संवाद करे।
उन्होंने अनुशासन का पाठ पढ़ाने के साथ ही सांसदों-विधायकों को कार्यकर्ताओं के सम्मान का संदेश भी दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ता को अपेक्षाएं रखने का पूरा अधिकार है, क्योंकि पार्टी में सभी मूल रूप से कार्यकर्ता हैं। पद केवल अस्थायी जिम्मेदारी है।
उन्होंने अनुशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हाई रिस्क सीटों और पिछली बार हार चुकी सीटों पर हमें मेहनत बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में अगर अनुशासन की लक्ष्मण रेखा का पालन नहीं किया तो ऐसी कई सीटों को बचाना चुनौती होगा।
इसलिए उन्होंने चुनौतीपूर्ण सीटों को जीतने के लिए सबसे पहले अनुशासन के दायरे में आने का आह्वान किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को दो माह का समय देते हुए बूथ स्तर तक संगठन दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
साफ संकेत दिया गया कि दो माह बाद संगठन फिर समीक्षा करेगा। उसके बाद ही आगे की राजनीतिक दिशा तय होगी। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया कि अभी किसी का टिकट तय मानना जल्दबाजी होगी।
अरविंद पांडेय को कहा- किसी बाहरी प्लेटफार्म पर न रखें बात
सांसदों-विधायकों की बैठक के दौरान ऊधम सिंह नगर जिले में गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने अपना विषय रखना चाहा।
इस पर संगठन की ओर से कहा गया कि यह मंच किसी की व्यक्तिगत सुनवाई का नहीं। अगर किसी को कोई समस्या है तो प्रदेश अध्यक्ष से अपनी बात रखे। सभी को उचित मंच पर बात रखने के लिए कहा गया। संगठन ने संकेत दिए कि ऐसा नहीं करना अनुशासनहीनता माना जाएगा।



