मालदा हिंसा: न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, CJI का बड़ा एक्शन

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मालदा के कालियाचक में बवाल हो गया है। यहां 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने बना लिया गया। अब इस मामले पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने जहां इस मामले में संज्ञान लिया है वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदीप भंडारी ने कहा कि सत्ता की जगह डर का राज छा गया है। हालांकि, बताया जा रहा है कि वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया।
नाराज चीफ जस्टिस ने दिया बड़ा निर्देश
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि राज्य में हर कोई राजनीतिक भाषा बोल रहा है। अधिकारियों को डराने की कोशिश की जा रही है। चुनाव आयोग सभी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अधिकारियों को सुरक्षित जगह दी जाए। वहीं, चुनाव आयोग ने डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है। इस बीच बंगाल के राज्यपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे हैं।
सीजेआई सूर्यकांत ने ममता सरकार को लगाई फटकार, जमकर सुनाया
सीजेआई सूर्यकांत ने 7 न्यायिक अधिकारी के घेराव पर पश्चिम बंगाल सरकार को भी फटकार लगाई।
सीजेआईने कहा कि मालदा में हुई हिंसा की घटना न्यायपालिका पर दबाव बनाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को भी चुनौती देने की तरह है।
शीर्ष अदालत ने न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में सरकार के रवैये को लचर बताया और कहा कि इस मामले में तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस घटना को न्याय प्रशासन में बाधा डालने की सुनियोजित और दुस्साहसी कोशिश करार दिया।
शीर्ष अदालत ने इस मामले में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों- मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमने घटना के बारे में सुनने के बाद रात के 2 बजे तक निगरानी की है।
बीजेपी नेता ने ममता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर जानकारी देते हुे लिखा “मालदा के कालियाचक में एक हिंसक भीड़ ने 7 न्यायिक अधिकारियों (महिलाओं सहित) को घेर लिया, उनका रास्ता रोक दिया और उन्हें बंधक बना लिया।
एक सार्वजनिक संस्था घेराबंदी का मैदान बन गई, राष्ट्रीय राजमार्ग जाम हो गए, आवागमन ठप्प हो गया और सत्ता की जगह डर का राज छा गया। टीएमसी सरकार लोकतंत्र को उखाड़ फेंकने की हताशा में पूरी तरह बेकाबू हो गई है। ममता बनर्जी ने कल कहा था कि खेला होगा! क्या उनका इशारा इसी ओर था?



