उपनल कार्मिकों को बड़ी राहत: चरणबद्ध रूप से मिलेगा न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता

उपनल कार्मिकों को बड़ी राहत: चरणबद्ध रूप से मिलेगा न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता
देहरादूनः3 जनवरी, 2026
विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से कार्ययोजित आउटसोर्स कार्मिकों के संबंध में।
उपर्युक्त विषयक जनहित याचिका संख्या-116/2018 ‘कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य’ में, 12.11.2018 को हुई सुनवाई में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा निम्नवत् अन्तरिम आदेश पारित किये गये है:-

2. उक्त आदेश के अनुपालन हेतु, ‘उत्तराखण्ड उपनल कर्मचारी संघ’ द्वारा अवमानना संख्या-402/2024 योजित किया गया, जिसमें दिनॉक 20.11.2025 की सुनवाई में मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा निम्नवत आदेश दिये गये है:-
3. इस सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि विषयगत प्रकरण पर शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा 12.11.2018 को पारित उक्त आदेश के क्रम में निम्नानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने का निर्णय लिया गया है:-
(1) उपनल कार्मिक, जो वर्तमान में जिस पद पर कार्यरत हैं, को उस पद के सापेक्ष वेतनमान का न्यूनतम एवं महँगाई भत्ता प्रदान किये जाने हेतु उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा जनहित याचिका संख्या 116/2018 में पारित आदेश की तिथि 12.11.2018 को पात्रता की कट ऑफ डेट मानी जायेगी।
(2) राज्य की आर्थिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उपनल के माध्यम से कार्यरत उपनल कर्मियों को चरणबद्ध रूप से पद के सापेक्ष वेतनमान के न्यूनतम व देय मंहगाई भत्ता प्रदान किया जायेगा।
(3) संबंधित विभागों द्वारा पात्र कार्मिकों को निम्नलिखित तालिका के अनुसार उनके श्रेणी/पद के वेतनमान के न्यूनतम व देय मंहगाई भत्ता के योग के बराबर धनराशि नियत मानदेय के रूप में निम्नानुसार अनुमन्य होगा-
(4) कार्मिक संबंधित पदों के लिए आवश्यक शैक्षिक अर्हताएं रखता हो, अन्यथा की स्थिति में उसे उसकी शैक्षिक अर्हता के अनुसार उपलब्ध समकक्ष पद के सापेक्ष कार्य करवाया जाय।
(5) संबंधित कार्मिक की प्रास्थिति, कार्मिक अनुभाग-02 के शासनादेश संख्या-111 /XXX (2)/2018-30 (12) 2018, 27.04.2018 एवं शासनादेश संख्या-379 /XXX (2)/2018-30 (12) 2018, 29.10.2021 के अनुसार नियमित कार्मिकों के समान नहीं होगी तथा इस संबंध में उसे जिस पद/श्रेणी के सापेक्ष नियोजित किया गया है. उस पद का प्रारम्भिक वेतनमान एवं महंगाई भत्ते को जोड़कर जो भी धनराशि आंकलित की जायेगी, उसका भुगतान संबंधित कार्मिक को मानदेय के रूप में किया जायेगा।
(6) संबंधित कार्मिक वर्तमान में जिस पद के सापेक्ष कार्य कर रहा हो, उसी पद के वेतनमान के आधार पर मानदेय निर्धारित किया जायेगा, परन्तु यदि कार्मिक के कार्य की प्रकृति में परिवर्तन किया गया है तो उसी पद/श्रेणी के आधार पर मानदेय निर्धारित किया जायेगा, जिस पर उसे प्रारम्भिक रूप से कार्योजित किया गया हो।
(7) यदि कोई कार्मिक स्वीकृत पद के बिना कार्य कर रहा हो तो उसे समूह ‘घ’ के वेतनमान का न्यूनतम या उस संवर्ग के प्रारम्भिक (सीधी भर्ती के) पद के वेतनमान के न्यूनतम के आधार पर अन्य समकक्ष पद के सापेक्ष कार्य करवाया जाये। पद स्वीकृति के संदर्भ में स्वतंत्र रूप से भविष्य में निर्णय लिया जायेगा।
(8) कार्मिकों को संबंधित विभाग एवं संबंधित कार्मिक के मध्य अनुबन्ध के तहत मानदेय का भुगतान सीधे किया जायेगा। विभागों द्वारा पात्र कार्मिकों को सीधे अनुबन्ध पर रखे जाने के लिए कार्मिक विभाग द्वारा वित्त एवं न्याय विभाग के परामर्श से संबंधित विभाग एवं कार्मिकों के मध्य अनुबन्ध की शर्तों का निर्धारण करते हुए अनुबन्ध का प्रारूप निर्गत किया जायेगा।
(9) विभाग द्वारा पात्र उपनल कार्मिकों की सूची तैयार की जायेगी, जिसका अनुमोदन संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष से प्राप्त किया जायेगा। पात्र कार्मिकों के सत्यापन एवं अनुबन्ध आदि कार्यों का निष्पादन शासनादेश निर्गत होने के दो माह के अन्दर कर लिया जायेगा।
(10) प्रथम चरण में उपनल द्वारा प्रायोजित ऐसे उपनल कर्मियों, जिनके द्वारा पत्र संख्या-1433/XVII-C-1/12 (18) रिट2018/2025, 25.11.2025 को 10 वर्ष की निरन्तर सेवायें पूर्ण कर ली गई हों, को ही प्रारम्भिक वेतनमान एवं महँगाई भत्ते को जोड़कर, जो भी धनराशि आंकलित होगी, को मानदेय के रूप में प्रदान किया जायेगा।
(11) ऐसे पद, जिनके सापेक्ष उपरोक्त व्यवस्था के अनुसार उपनल कर्मियों को रखा जायेगा, उन पदों के सापेक्ष अधियाचन भेजने से पूर्व सम्बन्धित विभाग द्वारा न्यायिक एवं वित्तीय परिस्थितियों के आलोक में कार्मिक, न्याय एवं वित विभाग की पूर्वानुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जायेगी।
(12) भविष्य में उपनल के माध्यम से मात्र राज्य सरकार द्वारा निर्धारित योजनाओं के अंतर्गत केवल भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास सम्बंधी कार्य सम्पादित किये जायेंगे, जो निर्धारित समय अवधि के लिए होंगे तथा नितांत अस्थायी होगें।
4. अतः कृपया विभागों में, उपनल के माध्यम से नियोजित कार्मिकों के सन्दर्भ में, उपरोक्तानुसार नियमानुसार समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्यवाही सम्पन्न करने एवं कृत कार्यवाही से समय-समय पर शासन को अवगत कराने का कष्ट करें।
यह आदेश वित्त विभाग के ई-आफिस के माध्यम से ई-जनरेट संख्या-1/365889/2026 , 29.01.2026 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा 5. रहे हैं।



