Uttarakhand

सुदूर गांव में अपनी जमा पूंजी से स्थापित किया पुस्तकालय

ज्ञानस्थली  पुस्कालय की हुई  स्थापना

कई किलोमीटर इलाके के बच्चों को मिलेगा पुस्तकालय का लाभ 

देवभूमि मीडिया संवाददाता 

कांडी (भृगु खाल) :   पौडी जिले के यमकेश्वर ब्लाक के गौंडाखाल क्षेत्र के गढ़ खाल  में स्कूली छात्रों के लिए पुस्तकालय की स्थापना की गई। केंद्र में विदेश विभाग में सहायक सचिव ( अंडर सेंक्टरी ) के पद पर का्र्यरत श्री प्रेमसिंह ने अपनी जीवन भर की नौकरी के बाद अपनी जमा पूंजी से गाँव के बच्चों व युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए अपने क्षेत्र में स्कूली बच्चों के लिए ज्ञानस्थली नाम के इस पुस्कालय की स्थापना की है। इसमें शुरुआती तौर पर लगभग साढे तीन हजार किताबें रखी गई है। इन किताबों में शैक्षिक विषयों के अलावा प्रेरक बाल कहानी, राष्ट्र नायकों की जीवनी . साहित्य कला, विज्ञान खेलकूद आदि विषयों पर किताबे रखी गई है।  यमकेश्वर क्षेत्र में यह अपनी तरह की पहली लाइब्रेरी है जिससे क्षेत्र के कई स्कूलों के बच्चों को इससे अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। इस लाइब्रेरी का आगे और विस्तार किया जाना है।

इस पुस्कालय का उद्घाटन ब्लाक प्रमुख कृष्णा नेगी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र के एक परिवार के जरिए इस तरह का प्रयास सराहनीय है। जहां एक ओर इससे क्षेत्र में विद्यार्थियों को बहुत मदद मिलेगी, किताबों के प्रति उनमें जागरूकता बढेगी वहीं दूसरी और इससे लोगों में अपने क्षेत्र के प्रति सुध लेने की प्रेरणा जगेगी।

श्री प्रेमसिंह ने कहा कि उन्होने बचपन में बहुत कठिन परिस्थितियों में अपनी पढाई लिखाई की थी। उन्होंने महसूस किया कि गांव में सबसे पहले एक लाइब्रेरी की स्थापना की जानी चाहिए। क्योंकि शिक्षा ज्ञान की सबसे बडी जरूरत है। इस लाइब्रेरी में केवल उपय़ोगी किताबें ही नहीं रखी गई है बल्कि यहां अनुभवी लोग भी समय समय पर बच्चों को पढाने के लिए आएंगे। साथ ही रचनात्मक कार्यभी किए जाएंगे। बच्चों को हर तरह से शिक्षित किया जाएगा। उन्हें प्रकृति से गहरे जोडा जाएगा।

इस अवसर पर दिल्ली राममनोहर लोहिया असपताल के सीनियर डाक्टर देवेंद्र सिंह ने कहा कि इस गांव क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए आज भी दूर दराज के शहरों में जाना पडता है। आज भी स्थितियां नहीं बदली है। अब थोडे थोडे अंतराल में वह क्षेत्र में मेडिकल कैंप लगाएंगे। साथ ही स्वयं भी यहां आकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देंगे।

वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेद्र जोशी ने अपने संबोघन में कहा कि मठ मंदिर व धर्मशालाओं के अतिरिक्त पुस्तकालय की स्थापना अपने आप में एक शिक्षा के मंदिर की स्थापना के समान है।  पहाड़ के बच्चो के लिए शैक्षिक ज्ञान के साथ साथ उनके खानपान और रहन सहन के स्तर पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह लाइब्रेरी बहुत उपयोगी होगी । यह बेहद सकारात्मक पहल है। हर चीज के लिए सरकार और प्रशासन की ओर नहीं ताका जा सकता। अपने अपने क्षेत्र में सफल हो चुके लोगों को अपने इलकों में ऐसा करना करना चाहिए।

पुस्तकालय की स्थापना के अवसर पर बारहवीं तक के कालेज के डबार, बगुडगांव बघेला चोपडा आदि गांव के बच्चे यहां आए थे। उन्हें लाइब्रेरी दिखाई गई। समारोह में मुख्यअतिथि के साथ साथ बच्चों ने भी रिबन को काट कर लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में तालियों की करतल ध्वनि के बीच बच्चों ने देशप्रेम के गीत सुनाए और पहाडी लोकगीत गाए। इस अवसर आसपास के गांव के लोग भी बडी सख्या में आए। आयोजन में  सुरजीत सिंह , बनचुरी राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य वीरेंद्र प्रसाद कुकरेती, गोकुल सिंह जुंथा देवी , मिनाक्षी  सिंह , सरोज आदि उपस्थित थी

devbhoomimedia

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : देवभूमि मीडिया.कॉम हर पक्ष के विचारों और नज़रिए को अपने यहां समाहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह जरूरी नहीं है कि हम यहां प्रकाशित सभी विचारों से सहमत हों। लेकिन हम सबकी अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का समर्थन करते हैं। ऐसे स्वतंत्र लेखक,ब्लॉगर और स्तंभकार जो देवभूमि मीडिया.कॉम के कर्मचारी नहीं हैं, उनके लेख, सूचनाएं या उनके द्वारा व्यक्त किया गया विचार उनका निजी है, यह देवभूमि मीडिया.कॉम का नज़रिया नहीं है और नहीं कहा जा सकता है। ऐसी किसी चीज की जवाबदेही या उत्तरदायित्व देवभूमि मीडिया.कॉम का नहीं होगा। धन्यवाद !

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
Translate »