Uttarakhand

राज्य मै बारिश-लैंडस्लाइड से 200 से ज्यादा सड़कें बंद, खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा

देहरादून। पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद शनिवार को हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई। सुबह से ही गंगा का जलस्तर 293.05 मीटर पर चल रहा था जबकि वार्निंग लेवल 293 मीटर है। वहीं, बैराज की क्षमता 294 मीटर है। साथ ही बारिश से नाले भी उफान पर चल रहे हैं। इससे हरिद्वार देहात के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। लालढांग मीठीबेरी में बने पुल की ठोकर में रवासन नदी कटाव करती जा रही है। जिससे कई गांवों में पानी भरने लगा है। यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ शिव कुमार कौशिक ने बताया कि गंगा के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद बैराज से अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञानियों ने बारिश के साथ ही राज्य के कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई है।

वहीं, बारिश की वजह से भूस्खलन और जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, प्रदेश में पांच नेशनल हाईवे, 15 स्टेट हाईवे समेत कुल 200 से ज्यादा सड़कें बाधित हैं, जिन्हें खोलने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और टिहरी में बारिश का दौर जारी है। हरिद्वार में गंगा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में प्रशासन ने पांच जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है, साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। हल्द्वानी और हरिद्वार से जलभराव की खबरें सामने आई हैं। हल्द्वानी के लालकुआं में रेलवे ट्रैक पर बरसात का पानी आने के चलते कई ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है। रेलवे प्रशासन पानी कम होने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। साथ ही जलभराव से रेलवे ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, हरिद्वार में देर शाम से हो रही बारिश की वजह से शहर का मुख्य चैराहा भगत सिंह चैक पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। चैराहे पर कई फीट पानी जमा होने की वजह से एक बस पानी में फंस गई है।

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